मानवता की मिसाल बना महुआरी न्यू प्राथमिक विद्यालय हरनाटांड़, वर्ग 1 से 5 तक के बच्चों के बीच हुआ वितरण
भभुआ, कैमूर। पूरा बिहार सहित उत्तर भारत इन दिनों भीषण शीतलहर और कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ठंड के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, वहीं सबसे अधिक परेशानी गरीब और जरूरतमंद परिवारों के छोटे बच्चों को झेलनी पड़ रही है। ऐसे समय में समाज के कुछ लोग और संस्थान मानवता को सर्वोपरि रखते हुए राहत कार्यों में जुटे हैं। इसी क्रम में सदर प्रखंड भभुआ स्थित महुआरी न्यू प्राथमिक विद्यालय हरनाटांड़ ने एक सराहनीय पहल करते हुए नन्हें बच्चों को ठंड से बचाव के लिए ऊनी टोपी और मोजे का वितरण किया।
विद्यालय के प्रधान शिक्षक धीरज कुमार और शिक्षिका नीलम कुमारी के नेतृत्व में यह पहल की गई। बढ़ती ठंड और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिवार ने निर्णय लिया कि वर्ग 1 से 5 तक पढ़ने वाले सभी बच्चों को ठंड से बचाने के लिए आवश्यक वस्त्र उपलब्ध कराए जाएं। इसी निर्णय के तहत विद्यालय में अध्ययनरत सभी नन्हें विद्यार्थियों के बीच ऊनी टोपी और मोजे का वितरण किया गया।
टोपी और मोजे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। ठंड के मौसम में सिर और पैर को ढकने से बच्चों को काफी राहत मिली, जिसे लेकर वे काफी उत्साहित और खुश नजर आए। विद्यालय परिसर में वितरण के दौरान बच्चों की मुस्कान इस बात का प्रमाण थी कि यह छोटा सा प्रयास उनके लिए कितनी बड़ी मदद साबित हुआ।
इस नेक पहल से गरीब परिवारों के अभिभावकों में भी खुशी का माहौल देखने को मिला। कई अभिभावकों ने विद्यालय परिवार के इस मानवीय कार्य की खुले दिल से सराहना की। महिला अभिभावक सिमला कुंवर ने कहा कि इस प्रकार के कार्य गरीब परिवारों के बच्चों के लिए किसी राहत से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान शिक्षक के आने के बाद विद्यालय में लगातार सकारात्मक बदलाव और सुधार देखने को मिल रहा है, जिससे अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
बच्चों ने भी विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। वर्ग 4 के छात्र मंजीत कुमार, जो बाल संसद के प्रधानमंत्री हैं, ने शिक्षकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि अब सभी बच्चे एक समान रंग-रूप में भी नजर आएंगे और साथ ही ठंड से बचाव में टोपी और मोजे काफी मददगार साबित होंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से बच्चों में समानता और एकजुटता की भावना भी विकसित होगी।
इस अवसर पर प्रधान शिक्षक धीरज कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी प्राथमिकता है। ठंड के मौसम में छोटे बच्चों को सबसे अधिक सावधानी की आवश्यकता होती है, इसलिए विद्यालय परिवार ने अपने स्तर से यह प्रयास किया है। शिक्षिका नीलम कुमारी ने भी कहा कि आगे भी बच्चों के हित में इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका वंदना, वंशदेव यादव, शशिरेखा कुमारी, शिक्षक मोहम्मद फिरोज आलम और रमेश कुशवाहा सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की यह पहल निश्चित रूप से समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है, जो यह संदेश देती है कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी जरूरतमंदों के जीवन में बड़ी राहत पहुंचाई जा सकती है।