कसबा (पूर्णिया) से मनोज कुमार मिश्रा की विशेष रिपोर्ट
आज के बदलते दौर में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन ही सफलता की कुंजी बनता जा रहा है। पूर्णिया जिले के कसबा प्रखंड अंतर्गत मजगामा स्थित प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला इसी परिवर्तन का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। कभी सामान्य सुविधाओं तक सीमित यह विद्यालय आज अपने उत्कृष्ट वातावरण और अनुशासित शैक्षणिक व्यवस्था के कारण एक आदर्श विद्यालय की पहचान बना रहा है।
नेतृत्व और समर्पण से बदली तस्वीर
इस परिवर्तन का मुख्य श्रेय विद्यालय की प्रधान शिक्षिका ज्योति कुमारी (ज्योति नवीन) को जाता है। उनके नेतृत्व, दूरदर्शिता और अथक प्रयासों ने विद्यालय की दशा और दिशा दोनों बदल दी हैं। उन्होंने न केवल भौतिक संसाधनों को सुदृढ़ किया, बल्कि विद्यालय की कार्यसंस्कृति और शैक्षणिक माहौल में भी सकारात्मक बदलाव लाया।
आधारभूत सुविधाओं में व्यापक सुधार
विद्यालय परिसर की साफ-सफाई से लेकर रंग-रोगन तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है। चहारदीवारी और सुदृढ़ गेट की व्यवस्था से विद्यालय की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। किचन शेड और सुव्यवस्थित किचन गार्डन ने मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाया है। बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
विद्यालय में कौशल मंडप का निर्माण कर बच्चों की रचनात्मक और व्यावहारिक प्रतिभा को निखारने का अवसर दिया जा रहा है। साथ ही, आपदा से निपटने के लिए अलार्मिंग वेल की व्यवस्था की गई है, जो सुरक्षा के प्रति विद्यालय की सजगता को दर्शाती है।
शिक्षण वातावरण बना आकर्षक और प्रेरणादायक
विद्यालय की दीवारों को रंगीन शैक्षिक चित्रों और प्रेरक संदेशों से सजाया गया है, जिससे बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह बढ़ा है। स्काउट ड्रम और अन्य गतिविधियों के माध्यम से अनुशासन और सामूहिकता की भावना विकसित की जा रही है।
प्रत्येक शनिवार को “सुरक्षित शनिवार” गतिविधियों का नियमित आयोजन किया जाता है, जिससे बच्चों में आपदा प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
बढ़ी उपस्थिति और अभिभावकों की सहभागिता
विद्यालय में सुधार का प्रभाव बच्चों की बढ़ती उपस्थिति में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत हुआ है और उनकी सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब अभिभावक विद्यालय की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जिससे विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हुआ है।
सोच और व्यवस्था का परिवर्तन
यह बदलाव केवल भवन और संसाधनों का नहीं, बल्कि सोच और कार्यशैली का भी है। प्रधान शिक्षिका ज्योति कुमारी के नेतृत्व में विद्यालय ने यह सिद्ध कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि इच्छाशक्ति और समर्पण हो, तो परिवर्तन संभव है।
आज प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामा न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि प्रेरणा की एक जीवंत कहानी बन चुका है। यह विद्यालय बताता है कि सही नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से किसी भी संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।




