पूर्णिया। प्राथमिक विद्यालय राधानगर कस्बा, पूर्णिया में इको क्लब फॉर मिशन लाइफ के अंतर्गत “सतत खाद्य प्रणाली एवं जैव विविधता” विषय पर एक प्रभावशाली मॉडल गतिविधि का आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली तथा प्रकृति और मानव के बीच गहरे संबंध की समझ विकसित करना था। कार्यक्रम शिक्षिकाएं नेहा भारती, खुशबू कुमारी एवं नीतू कुमारी के संयुक्त मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
मॉडल गतिविधि के माध्यम से पर्यावरणीय सीख
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक मॉडलों के माध्यम से सतत खाद्य प्रणाली की अवधारणा को प्रस्तुत किया। खेत, जंगल, नदी, पशु-पक्षी और मानव जीवन पर आधारित मॉडलों के जरिए यह दिखाया गया कि प्रकृति के सभी घटक एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। बच्चों ने समझा कि रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग, वनों की कटाई और जल स्रोतों का प्रदूषण खाद्य प्रणाली और जैव विविधता दोनों के लिए घातक है।
स्थानीय एवं पौष्टिक भोजन पर विशेष जोर
मॉडल गतिविधि में स्थानीय और पारंपरिक भोजन की महत्ता को रेखांकित किया गया। बच्चों ने मोटे अनाज, हरी सब्जियाँ, मौसमी फल और घर में उगाई जाने वाली फसलों को प्रदर्शित करते हुए बताया कि स्थानीय भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी होता है। इससे ऊर्जा की बचत होती है और पर्यावरण प्रदूषण कम होता है।
जैव विविधता संरक्षण व पर्यावरण संतुलन का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को यह संदेश दिया गया कि जैव विविधता का संरक्षण जीवन के लिए अनिवार्य है। पेड़-पौधे, जीव-जंतु और मनुष्य मिलकर ही एक संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र बनाते हैं। बच्चों ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक के कम उपयोग जैसे उपायों पर अपने विचार साझा किए।
शिक्षिकाओं की भूमिका
शिक्षिकाएं नेहा भारती, खुशबू कुमारी एवं नीतू कुमारी ने बच्चों को मिशन लाइफ के मूल मंत्र—“कम उपयोग, पुनः उपयोग और पुनर्चक्रण”—की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण एवं सतत जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
यह मॉडल गतिविधि बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ उन्हें पर्यावरण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देने वाली साबित हुई।


