इतिहास, संस्कृति और विरासत से रूबरू हुए विद्यार्थी, विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का किया अध्ययनात्मक भ्रमण
डुमराँव। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से डुमराँव कैम्ब्रिज स्कूल द्वारा व्यापक शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कक्षा-वार निर्धारित स्थलों पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए इतिहास, संस्कृति और विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर प्राप्त किया।
नर्सरी एवं प्रेप कक्षा के नन्हे विद्यार्थियों ने डुमराँव राजगढ़ का भ्रमण किया। कक्षा I के विद्यार्थियों ने डुमरेजनी मंदिर, कक्षा II के विद्यार्थियों ने कोपावाँ, कक्षा III के विद्यार्थियों ने दुल्हापुर सूर्य मंदिर तथा कक्षा IV के विद्यार्थियों ने बक्सर संग्रहालय का भ्रमण किया। कक्षा V के विद्यार्थियों ने नवलखा मंदिर का दर्शन किया, जबकि कक्षा VI के विद्यार्थियों ने कमेच्छा स्थान एवं गहमर के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और शैक्षिक महत्व का अवलोकन किया।
कक्षा VII के विद्यार्थी ऐतिहासिक नगरी सासाराम पहुँचे, जहाँ उन्होंने शेरशाह सूरी का मकबरा एवं ताराचंडी मंदिर का अवलोकन किया। कक्षा VIII के विद्यार्थियों ने सारनाथ स्थित मंदिर, संग्रहालय तथा सर्ववेद मंदिर का भ्रमण किया। वहीं कक्षा IX एवं X के छात्र-छात्राओं ने ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध राजगीर एवं नालंदा महाविहार का अध्ययनात्मक दौरा किया।
इस शैक्षणिक परिभ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को इतिहास का जीवंत अनुभव कराना, सामाजिक कौशल का विकास करना, सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना तथा समालोचनात्मक चिंतन को प्रोत्साहित करना था। विद्यार्थियों ने विभिन्न स्थलों पर विशेषज्ञों से संवाद कर पाठ्यपुस्तकों में पढ़े गए विषयों को वास्तविक संदर्भ में समझा।
विद्यालय के चेयरमैन श्री टी.एन. चौबे ने अपने संदेश में कहा कि इस शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना है। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री राजीव प्रधान ने कहा कि इस प्रकार के भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर आनंददायक एवं संवादात्मक अनुभव प्रदान करते हैं तथा उनकी जिज्ञासा और प्रेरणा को बढ़ाते हैं।
पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा सुरक्षा, अनुशासन एवं मार्गदर्शन की समुचित व्यवस्था की गई थी। भ्रमण से लौटे विद्यार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और नई सीख की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
यह आयोजन एक बार फिर सिद्ध करता है कि डुमराँव कैम्ब्रिज स्कूल शिक्षा को केवल पुस्तकीय सीमाओं तक सीमित न रखकर उसे अनुभवात्मक और जीवनोपयोगी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।