BREAKING NEWS
वंचित बेटियों में जगी शिक्षा की नई रोशनी, प्रधान शिक्षिका के प्रयास से क्षेत्र की बच्चियों में फिर जागी पढ़ने की ललकबदलाव की मिसाल बना प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामाप्रसार भारती आकाशवाणी पर सोनी वर्षा की आवाज में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का प्रसारणप्राथमिक विद्यालय राधानगर कस्बा, पूर्णिया में पोषण एवं एनीमिया जागरूकता गतिविधि आयोजितइको क्लब फॉर मिशन लाइफ के अंतर्गत सतत खाद्य प्रणाली एवं जैव विविधता पर मॉडल गतिविधि आयोजितवैशाली महोत्सव का भव्य आयोजन, शिक्षिका चंचल कुमारी की उपस्थिति में छात्रों में जागी सामाजिक चेतनाफाउंडेशन स्कूल, डुमरांव में “उमंग” वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजनदुल्लहपुर की बेटी शालू सिंह ने यूजीसी नेट जेआरएफ 2026 में रचा इतिहासडीएम साहिला की अध्यक्षता में तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक, कई योजनाओं में तेजी लाने का निर्देशसेंट लॉरेंस अकादमी का भव्य उद्घाटन, शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने का संकल्पइंटर परीक्षा को लेकर डीएम व एसपी ने संयुक्त रूप से किया पदाधिकारियों के साथ ब्रीफिंग, 32 परीक्षा केंद्र पर 24302 परीक्षार्थी होंगे शामिलडुमराँव में उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ संगीत महाविद्यालय को नई पहचानडायट सभागार में काव्यगोष्ठी ने बांधा समां, कवियों की रचनाओं पर झूमे श्रोताझंडोत्तोलन, झांकी, परेड व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, शिक्षिका डा. नीलम कुमारी हुईं सम्मानितडुमरांव में 26 जनवरी से शहीद रविकांत सिंह अंतरराज्यीय क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज
No menu items available
BREAKING
वंचित बेटियों में जगी शिक्षा की नई रोशनी, प्रधान शिक्षिका के प्रयास से क्षेत्र की बच्चियों में फिर जागी पढ़ने की ललकबदलाव की मिसाल बना प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामाप्रसार भारती आकाशवाणी पर सोनी वर्षा की आवाज में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का प्रसारणप्राथमिक विद्यालय राधानगर कस्बा, पूर्णिया में पोषण एवं एनीमिया जागरूकता गतिविधि आयोजितइको क्लब फॉर मिशन लाइफ के अंतर्गत सतत खाद्य प्रणाली एवं जैव विविधता पर मॉडल गतिविधि आयोजितवैशाली महोत्सव का भव्य आयोजन, शिक्षिका चंचल कुमारी की उपस्थिति में छात्रों में जागी सामाजिक चेतनाफाउंडेशन स्कूल, डुमरांव में “उमंग” वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजनदुल्लहपुर की बेटी शालू सिंह ने यूजीसी नेट जेआरएफ 2026 में रचा इतिहासडीएम साहिला की अध्यक्षता में तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक, कई योजनाओं में तेजी लाने का निर्देशसेंट लॉरेंस अकादमी का भव्य उद्घाटन, शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने का संकल्पइंटर परीक्षा को लेकर डीएम व एसपी ने संयुक्त रूप से किया पदाधिकारियों के साथ ब्रीफिंग, 32 परीक्षा केंद्र पर 24302 परीक्षार्थी होंगे शामिलडुमराँव में उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ संगीत महाविद्यालय को नई पहचान

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

वंचित बेटियों में जगी शिक्षा की नई रोशनी, प्रधान शिक्षिका के प्रयास से क्षेत्र की बच्चियों में फिर जागी पढ़ने की ललक
12 seconds ago
बदलाव की मिसाल बना प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामा
23 hours ago
प्रसार भारती आकाशवाणी पर सोनी वर्षा की आवाज में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का प्रसारण
2 days ago
प्राथमिक विद्यालय राधानगर कस्बा, पूर्णिया में पोषण एवं एनीमिया जागरूकता गतिविधि आयोजित
2 days ago
इको क्लब फॉर मिशन लाइफ के अंतर्गत सतत खाद्य प्रणाली एवं जैव विविधता पर मॉडल गतिविधि आयोजित
4 days ago
Advertisement

वंचित बेटियों में जगी शिक्षा की नई रोशनी, प्रधान शिक्षिका के प्रयास से क्षेत्र की बच्चियों में फिर जागी पढ़ने की ललक

कस्बा (पूर्णिया)। शिक्षा के प्रति जागरूकता का सकारात्मक उदाहरण, प्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला, मजगामा, कस्बा (पूर्णिया) की प्रधान शिक्षिका ज्योति...

कस्बा (पूर्णिया)। शिक्षा के प्रति जागरूकता का सकारात्मक उदाहरण, प्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला, मजगामा, कस्बा (पूर्णिया) की प्रधान शिक्षिका ज्योति कुमारी ने अपने सतत प्रयासों और संवेदनशील पहल से पोषक क्षेत्र की वंचित बच्चियों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। जिन बच्चियों ने पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी, आज वही बच्चियां फिर से स्कूल लौटने की इच्छा जता रही हैं।

परिवार की जिम्मेदारियों ने रोकी थी पढ़ाई

पोषक क्षेत्र के कई वंचित परिवारों में बेटियों पर घर की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही आ जाती हैं। छोटे भाई-बहनों की देखभाल, घरेलू कामकाज और आर्थिक तंगी के कारण अनेक बच्चियां अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पातीं। परिणामस्वरूप उनकी शिक्षा अधूरी रह जाती है और भविष्य के सपने धुंधले पड़ जाते हैं।

मैम, क्या हमलोग भी पढ़ सकते हैं?” — मासूम सवाल

प्रधान शिक्षिका ज्योति कुमारी बताती हैं कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान कई बच्चियां उन्हें रोककर संकोच भरे स्वर में पूछती थीं, “मैम, क्या हमलोग भी पढ़ सकते हैं?” यह प्रश्न उनके मन को गहराई से छू जाता था। शुरुआत में ये बच्चियां खुलकर बात करने से कतराती थीं, लेकिन लगातार संवाद और भरोसे ने उनके मन की झिझक को दूर कर दिया।

घर-घर पहुंचकर जगाई शिक्षा की अलख

ज्योति कुमारी ने पोषक क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर अभिभावकों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझाया और बेटियों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। उनके सतत प्रयासों का असर यह हुआ कि बच्चियों में आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने स्वयं विद्यालय आकर पढ़ने की इच्छा जताई।

विद्यालय से जुड़ने की बढ़ी उत्सुकता

अब स्थिति यह है कि वही बच्चियां जो पहले बोलने से हिचकती थीं, सीधे विद्यालय पहुंचकर पढ़ाने की बात करती हैं। उनमें पढ़ाई के प्रति जागरूकता और उत्साह देखकर विद्यालय परिवार भी उत्साहित है। प्रधान शिक्षिका के अनुसार, इन बच्चियों की आंखों में अपने सपनों को साकार करने की चमक साफ दिखाई देती है।

समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

यह पहल न केवल विद्यालय के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। शिक्षा से ही सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होता है। यदि बेटियां पढ़ेंगी तो परिवार और समाज दोनों सशक्त होंगे।

प्रधान शिक्षिका ज्योति कुमारी का मानना है कि हर बच्ची को शिक्षा का अधिकार है और उसे किसी भी परिस्थिति में इससे वंचित नहीं होना चाहिए। उनके प्रयासों से पोषक क्षेत्र में शिक्षा की नई किरण फूटी है, जो आने वाले समय में कई बेटियों के जीवन को रोशन करेगी।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top