सुरक्षित शनिवार में बच्चों को जलवायु संरक्षण का दिया गया संदेश
पटना। प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय, वलीपुर हरिजन टोली, पालीगंज में सुरक्षित शनिवार मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत फरवरी माह के तीसरे शनिवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। विद्यालय की प्रधान शिक्षिका अपराजिता कुमारी ने बच्चों को जलवायु परिवर्तन, जल एवं भूमि संरक्षण, वायु प्रदूषण तथा पेड़–पौधों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान शिक्षिका अपराजिता कुमारी ने बताया कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है। इसके कारण मौसम चक्र में बदलाव, अत्यधिक गर्मी, अनियमित वर्षा तथा प्राकृतिक आपदाओं की घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते लोग पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने बच्चों को जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पानी जीवन का आधार है और इसका दुरुपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को नल खुला न छोड़ने, वर्षा जल संचयन करने तथा जल स्रोतों को स्वच्छ रखने की सलाह दी। इसके साथ ही भूमि संरक्षण के उपायों के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि अनावश्यक खुदाई, मिट्टी का कटाव और रासायनिक पदार्थों का अत्यधिक उपयोग भूमि की उर्वरता को प्रभावित करता है, इसलिए प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग जरूरी है।
कार्यक्रम में वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई। बच्चों को बताया गया कि धुआं, धूल तथा प्लास्टिक जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसें वातावरण को दूषित करती हैं, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सहयोग करें तथा प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करें।
प्रधान शिक्षिका ने पेड़–पौधों के महत्व को समझाते हुए कहा कि वृक्ष हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखते हैं। उन्होंने बच्चों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण से संबंधित प्रश्न पूछे और अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। विद्यालय परिवार ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रकृति की रक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
