महारानी उषारानी बालिका उच्च विद्यालय में विश्व हिन्दी दिवस पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजित

डुमरांव. ’प्रेम प्रीत की पल्लवित शाखाए आने वाले कल की आशा. हिंदी जैसी सहज रसीलीए दूजा कौन जगत में भाषा.’ सच, आज हमारी प्यारी हिन्दी अखिल विश्व में अपने नाम का डंका बजा रही है. विश्व की तीसरी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा का गौरव हिन्दी को हासिल है.
विश्व हिन्दी दिवस पर विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महारानी उषारानी बालिका उच्च विद्यालय की प्रभारी प्राचार्या फरहत आफशां ने कही. कवयित्री सह शिक्षिका मीरा सिंह ’मीरा’ छात्राओं को संबोधित करते हुए बोलीं हिंदी बोलने में किसी को शर्मिन्दा होने की जरूरत नहीं.
हिंदी भाषा राष्ट्रीय एकता की प्रतीक है. यह किसी से भेद भाव नहीं करती. मां जैसी सबको स्नेह और अपनापन देती है. भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों में यह बोली जाती है, अब तो मेडिकल की पढ़ाई भी हिन्दी में होती है. ’सब पर नेह लुटाती हिंदी, सबके मन को भाती हिन्दी.
करें गर्व हम सब हिन्दी पर, नभ में परचम लहराती हिंदी’. विद्यालय की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर इस कार्यक्रम में भाग लिया. कार्यक्रम में प्राचार्या के अलावे सुनील कुमार, अजय सिंह, राजलक्ष्मी शर्मा, पूनम कुमारी, अजय उपाध्याय सहित छात्राओं में कुमकुम, आरती, नेहा, सिम्पली, निशा, पूजा, वर्षा आदि शामिल रही.