शिक्षकों के नवाचार, विद्यार्थियों की प्रतिभा और विद्यालयों की उत्कृष्ट गतिविधियों को मिला डिजिटल मंच
बक्सर। शिक्षा विभाग, बक्सर की मासिक शैक्षिक ई-पत्रिका ‘बोधिका’ का अक्टूबर-2026 अंक जारी किया गया। इस अंक का लोकार्पण जिला शिक्षा पदाधिकारी इन्द्र कुमार कर्ण, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (EE एवं SSA) अनन्या, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सुरेश प्रसाद, डायट के व्याख्याता डॉ. नवनीत सिंह तथा संपादन मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी इन्द्र कुमार कर्ण ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नवाचार, रचनात्मकता और निरंतर सीखने की प्रक्रिया है। ‘बोधिका’ शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की प्रतिभा, उपलब्धियों और अभिनव प्रयोगों को सामने लाने का प्रभावी माध्यम है। यह पत्रिका जिले की शैक्षिक गतिविधियों को दस्तावेजीकृत करने के साथ अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (EE एवं SSA) अनन्या ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों के अनुभवों, नवाचारों और प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को साझा करना आवश्यक है। ‘बोधिका’ शिक्षकों को अपने प्रयासों और सफल प्रयोगों को साझा करने का अवसर प्रदान करती है। इससे विद्यालयों में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रोचक, समावेशी और प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) सुरेश प्रसाद ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान देने के साथ उनमें तार्किक चिंतन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और जीवनोपयोगी कौशल विकसित करना भी है। ‘बोधिका’ में प्रकाशित शैक्षिक गतिविधियां, विद्यार्थियों की उपलब्धियां और शिक्षकों के नवाचार इस दिशा में प्रेरणादायी भूमिका निभा सकते हैं।
डायट के व्याख्याता डॉ. नवनीत सिंह ने कहा कि ‘बोधिका’ शिक्षकों के व्यावसायिक विकास, शैक्षिक नवाचारों के आदान-प्रदान और ज्ञान के प्रसार का सशक्त डिजिटल मंच है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप शिक्षा को अनुभवात्मक, गतिविधि-आधारित और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पत्रिका के माध्यम से विद्यालयों में किए जा रहे उत्कृष्ट प्रयोगों और रचनात्मक प्रयासों को व्यापक स्तर पर साझा किया जा सकता है।
‘बोधिका’ का उद्देश्य विद्यालयों में संचालित उत्कृष्ट गतिविधियों, शिक्षकों के अनुभवों, विद्यार्थियों की प्रतिभा तथा शिक्षा से जुड़े समसामयिक विषयों को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाना है। डिजिटल स्वरूप में प्रकाशित यह ई-पत्रिका जिले की शैक्षिक गतिविधियों और उपलब्धियों को संकलित करने के साथ शिक्षा जगत में संवाद एवं सहयोग की संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही है। अक्टूबर अंक को जिले की शैक्षिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
लोकार्पण कार्यक्रम में संपादन टीम से सुरेंद्र, रामभजन राम, विमल कुमार सिंह, डॉ. मृत्युंजय राय, राजेश कुमार, रविशंकर गुप्ता, रवि कुमार, महताब अली, सोनम कुमारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।