कुरूद/धमतरी। प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य स्तरीय अलंकरण समारोह का आयोजन 20 सितंबर 2026 को प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन अकादमिक भवन, राखी मोड़ (चरमुड़िया), कुरुद, जिला धमतरी में किया गया। समारोह में शिक्षा, विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्वास्थ्य, कला-संस्कृति, समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण तथा रूढ़िवादिता एवं अंधविश्वास उन्मूलन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों, विज्ञान संचारकों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
भारतीय संस्कृति और गुरु-परंपरा का अनूठा सम्मान
समारोह में भारतीय संस्कृति एवं गुरु-शिष्य परंपरा को विशेष महत्व दिया गया। प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा की टीम द्वारा विगत कई वर्षों से गुरुजनों का पद प्रक्षालन कर चरण धोकर उनके उत्कृष्ट कार्य का सम्मान किया, तथा गुरुजनों की महाआरती, अभिनंदन किया गया। भारतीय परंपरा के अनुरूप किया गया यह सम्मान समारोह का विशेष आकर्षण रहा।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया से हुआ राज्य अलंकरण
आयोजकों के अनुसार राज्य अलंकरण की चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं कार्य आधारित रखा गया। पूरे छत्तीसगढ़ से लगभग 600 आवेदन प्राप्त हुए। आवेदकों के कार्य, योगदान और समाज पर उनके कार्यों के प्रभाव के आधार पर चयन किया गया। समारोह में लगभग 100 उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं तथा 50 विज्ञान संचारकों एवं 20 खोजिय छात्रों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इस स वर्ष उत्कृष्ट सरस्वती पुत्र सम्मान कृष्ण कुमार वर्मा, प्राचार्य कबीरधाम, महर्षि वशिष्ठ सम्मान हेमशंकर सिन्हा कांकेर तथा उत्कृष्ट विद्यालय सम्मान अंबालिका पटेल, बेमेतरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों एवं प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले प्रतिभागियों को हरित योद्धा सम्मान से भी सम्मानित किया गया।
अतिथियों ने बढ़ाया समारोह का गौरव
समारोह के मुख्य अतिथि श्री सुरेश अग्रवाल, संस्थापक, राष्ट्रीय अपूर्व विज्ञान मेला, नागपुर (महाराष्ट्र) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री अभिषेक शुक्ला, प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़ ने की। कार्यक्रम में डॉ. राकेश कुमार सोनी, उप-कुलसचिव, अंजनेय विश्वविद्यालय, नया रायपुर; श्री गजेंद्र सिंह ध्रुव; पद्मश्री श्री अजय कुमार मंडावी; श्री नीरज वर्मा, इसरो साइंस एक्टिविस्ट, महाराष्ट्र; श्री मनोज मिश्रा, संस्थापक, विकास फैमिली क्लब परिवार, बक्सर (बिहार); श्रीमती रश्मि वर्मा, आर.के. साइंस पार्क, गोंदिया (महाराष्ट्र); श्रीमती संध्या कुशाल, विज्ञान संचारक, जिला बस्तर तथा श्री मोतीलाल देवांगन, समन्वयक, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, कुरुद सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री सुरेश अग्रवाल ने विज्ञान संचारकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा अंधविश्वास एवं रूढ़िवादिता के विरुद्ध तर्क एवं प्रयोग आधारित जागरूकता बढ़ाना विज्ञान संचारकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने तथा जमीनी कार्यों को शोध एवं दस्तावेज के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
पद्मश्री श्री अजय कुमार मंडावी ने समाजसेवा की भावना को आत्मसात करते हुए निरंतर जनहित में कार्य करने के लिए प्रतिभागियों को प्रेरित किया। संस्था के लखन लाल साहू ने कहा जमीनी कार्य करने वाली प्रतिभाओं को मिला मंच प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा का उद्देश्य केवल सम्मान प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर सकारात्मक कार्य कर रहे शिक्षकों, विज्ञान संचारकों एवं समाजसेवियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करना और उनके कार्यों को समाज के सामने लाना है। विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को साझा मंच प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में संस्था निरंतर कार्य कर रही है।
विज्ञान संचारकों एवं टीम का महत्वपूर्ण योगदान
समारोह के आयोजन एवं संचालन में लखन लाल साहू, अशोक जंघेल, भुनेश्वर मरकाम, बृजलाल मंडावी, मनीष कुमार अहीर एवं डॉ. स्वाति गंधर्व सहित प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन में पूरन लाल साहू, भारती तिवारी, लीना ठाकुर, सुरेखा पुरेंद्र, संतोषी डनसेना, परविंदर किल गौर, डॉ. आशीष नायक, हेमंत, अमितेश, प्रदीप, आत्मा साह, हपका मुक्ता, अर्चना शर्मा, अश्वनी पचबिए, शिल्पी राय, क्षमा उइके, राजेंद्र ठाकुर,कुमार मंडावी, प्रमोद, चंद्रिका सिंह, ईश्वर दास गिलहरे, ज्योति सराफ, रजिया अंजुम शेख, हरनारायण कुर्रे एवं हेपसिबा एंथोनी सहित अनेक विज्ञान संचारकों एवं सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
इसके अलावा प्रमोद, सुरेखा, चंद्रिका, आत्माराम, रुखमीन, मनीष, परविंदर, हेमंत, लक्ष्मी, संतोषी, भारती तिवारी, राधिका, नीलिमा, संगीता शोरी, कुमार मंडावी, गुलाब सिंहा, अमितेश सोनबोइर सहित टीम के अन्य सदस्यों की आयोजन को सफल बनाने में सहभागिता रही।
समारोह के अंत में मनीष कुमार अहीर ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों, सम्मानित प्रतिभागियों, विज्ञान संचारकों, टीम सदस्यों एवं उपस्थित सभी साथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा का राज्य अलंकरण 2026 समारोह विज्ञान, प्रकृति, शिक्षा, सामाजिक चेतना और भारतीय संस्कृति की परंपराओं को एक मंच पर जोड़ने वाला आयोजन रहा, जिसने जमीनी स्तर पर सकारात्मक कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मान एवं प्रोत्साहन प्रदान किया।
