सीतामढ़ी। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में जिले के मध्य विद्यालय मलहाटोल की शिक्षिका प्रियंका कुमारी द्वारा विकसित फोक टीएलएम (Folk Teaching Learning Material) ने एक नई पहचान बनाई है। हाल ही में शिक्षा विभाग के स्टॉल पर प्रदर्शित इस फोक टीएलएम को देखकर माननीय मुख्यमंत्री ने इसकी खुलकर सराहना की और कहा – “यह सब तो बहुत अच्छा है, वाह।” मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया न केवल इस नवाचार की उपयोगिता को दर्शाती है, बल्कि जमीनी स्तर पर हो रहे शैक्षणिक प्रयासों को भी सम्मानित करती है।
मिट्टी और पत्थर से बना खेलआधारित शिक्षण मॉडल
फोक टीएलएम एक खेल आधारित शिक्षण-अधिगम सामग्री है, जिसे स्थानीय संसाधनों जैसे मिट्टी और पत्थर से तैयार किया गया है। यह विशेष रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। इस टीएलएम के माध्यम से बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं, जिससे उनमें सीखने के प्रति रुचि बढ़ती है और वे अपनी गति से ज्ञान अर्जित कर पाते हैं।
एफएलएन लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक
फोक टीएलएम बच्चों को ठोस अनुभव प्रदान करता है, जिससे फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN) के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलती है। इसमें अक्षर, संख्या, आकार, रंग और प्रारंभिक गणितीय अवधारणाओं को सरल और रोचक तरीके से समझाया जाता है। शिक्षकों का मानना है कि इस तरह की शिक्षण सामग्री बच्चों की समझ को मजबूत करती है और सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बनाती है।
पीएम ई-विद्या और प्रशिक्षण कार्यक्रम
फोक टीएलएम की उपयोगिता को देखते हुए इसके दस एपिसोड का प्रसारण पीएम ई-विद्या के अंतर्गत टीवी चैनल पर किया गया है। इसके साथ ही डायट डुमरा और आईसीडीएस सीतामढ़ी द्वारा शिक्षकों, छात्राध्यापकों, महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं को इस टीएलएम के निर्माण और उपयोग के संबंध में प्रशिक्षित किया जा चुका है। यह प्रशिक्षण स्वयं नवाचारक शिक्षिका प्रियंका कुमारी के माध्यम से दिया गया, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप उत्कृष्ट उदाहरण
फोक टीएलएम नई शिक्षा नीति के आलोक में स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह न केवल कम लागत में प्रभावी शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराता है, बल्कि बच्चों को उनकी संस्कृति और परिवेश से जोड़कर सीखने का अवसर भी प्रदान करता है।
जिले के लिए गर्व का विषय
मुख्यमंत्री द्वारा फोक टीएलएम की सराहना जिले के लिए गर्व की बात है। यह नवाचार यह संदेश देता है कि यदि शिक्षक चाहें तो सीमित संसाधनों में भी गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षण संभव है। शिक्षिका प्रियंका कुमारी का यह प्रयास निश्चित रूप से अन्य शिक्षकों को भी नवाचार के लिए प्रेरित करेगा और प्राथमिक शिक्षा को नई दिशा देगा।