बक्सर। जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने आगामी रामनवमी एवं महावीरी पूजा पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर एवं डुमराँव को निर्देश दिया कि इन पर्वों के अवसर पर डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही असामाजिक तत्वों पर नजर रखते हुए उनके विरुद्ध बंध पत्र की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
राजस्व महा अभियान के तहत आयोजित शिविरों में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता बक्सर एवं डुमराँव को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। वहीं न्यायालय से संबंधित मामलों में विभिन्न विभागों द्वारा त्रुटिपूर्ण तथ्य विवरणी उपलब्ध कराए जाने पर नाराजगी जताते हुए प्रभारी पदाधिकारी विधि शाखा को त्रुटिरहित विवरणी की मांग करने तथा दोषी पदाधिकारियों से कारण पूछने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड, जिला पदाधिकारी के जनता दरबार तथा मुख्यमंत्री के जनता के दरबार में प्राप्त परिवादों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लाभुकों के सत्यापन की समीक्षा में राजपुर एवं केसठ प्रखंडों में सर्वाधिक मामले लंबित पाए गए, जिस पर दोनों प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों से कारण पृच्छा करने को कहा गया।
जियो टैगिंग के मामलों में नावानगर प्रखंड की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर कम कार्य करने वाले प्रखंडों के बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया।
बैठक में यह भी सामने आया कि विद्यालयों के निरीक्षण तथा अनुपस्थित शिक्षकों पर की गई कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन की मांग के बावजूद जिला शिक्षा पदाधिकारी बैठक में अनुपस्थित रहे और रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई। इस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी से कारण पृच्छा करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा नगर निकाय चौसा में अब तक विद्युत संबंधी कार्य नहीं कराए जाने को लेकर कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल बक्सर से भी स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे तथा लंबित योजनाओं के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया गया।
