पटना/भभुआ। सदर प्रखंड भभुआ के न्यू प्राथमिक विद्यालय हरनाटांड़ में बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से एक अनोखी पहल की गई है। विद्यालय के प्रधान शिक्षक धीरज कुमार ने बच्चों में बचपन से ही पैसे के महत्व को समझाने और बचत की आदत विकसित करने के लिए ‘गुल्लक बचत बैंक’ की स्थापना की है। यह पहल न केवल बच्चों को आर्थिक समझ प्रदान कर रही है, बल्कि उनके कला-कौशल को भी नई उड़ान दे रही है।
कैसे काम करता है गुल्लक बचत बैंक
विद्यालय में स्थापित गुल्लक बचत बैंक की खासियत यह है कि बच्चे अपने हाथों से मिट्टी के गुल्लक तैयार करते हैं। वे पहले मिट्टी से गुल्लक बनाते हैं, फिर उसे सुखाकर उस पर आकर्षक चित्रकारी करते हैं। जो बच्चे गुल्लक नहीं बना पाते, वे अपनी बचत के पैसों से बाजार से गुल्लक खरीद कर उस पर चित्रकारी करते हैं। बच्चों के ये गुल्लक प्रधान शिक्षक के संरक्षण में सुरक्षित रखे जाते हैं। जब भी बच्चे पैसे बचाकर जमा करना चाहते हैं, उन्हें गुल्लक उपलब्ध कराया जाता है। इस प्रक्रिया से बच्चों में जिम्मेदारी और बचत दोनों की भावना विकसित हो रही है।
गुल्लक बैंक की स्थापना का उद्देश्य
प्रधान शिक्षक धीरज कुमार बताते हैं कि आधुनिक दौर में बढ़ते खर्च के बीच बचत का महत्व और भी बढ़ जाता है। यदि बच्चों को बचपन से ही बचत की आदत पड़ जाए, तो यह भविष्य में उनके लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगी। मिट्टी से गुल्लक बनाने की प्रक्रिया बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देती है। इससे उनका कलात्मक कौशल निखरता है और वे हस्तकला की बुनियादी प्रक्रिया को भी समझते हैं। धीरज कुमार इससे पहले भी अपने पूर्व विद्यालय में मासिक छात्रवृत्ति योजना लागू कर बच्चों की संख्या व रुचि बढ़ाने का सफल प्रयास कर चुके हैं।
बेहतर उपस्थिति पर प्रधान शिक्षक देंगे प्रोत्साहन
गुल्लक बचत बैंक की एक अनोखी विशेषता यह भी है कि इससे विद्यालय में उपस्थिति सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। जिन बच्चों ने गुल्लक बैंक की सदस्यता ली है और उनकी उपस्थिति संतोषजनक रहती है, उन्हें प्रधान शिक्षक की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
लंबे छुट्टियों वाले महीनों को छोड़कर, प्रधान शिक्षक प्रत्येक सदस्य छात्र को प्रति माह 20 रुपये सहयोग स्वरूप प्रदान करेंगे। इस राशि का सीधा लाभ बच्चों के गुल्लक में जमा किया जाएगा। इससे न केवल बच्चों में उत्साह बढ़ रहा है, बल्कि सीखने के प्रति उनकी नियमितता भी मजबूत हो रही है।
बच्चों में उत्साह, छात्राओं की विशेष भूमिका
इस पहल से विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों में काफी खुशी देखी जा रही है। गुल्लक बनाने से लेकर उसे सजाने तक बच्चे पूरे उत्साह के साथ भाग लेते हैं। कक्षा 4 की छात्राएं— काजल कुमारी, शिवानी कुमारी, नैना कुमारी और श्रेया राज— ने गुल्लक बैंक की स्थापना और संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बच्चों का कहना है कि गुल्लक के माध्यम से उन्हें बचत की सही आदत लग रही है और अपने हाथों से बने गुल्लक में पैसे डालना उन्हें बेहद अच्छा लगता है।
गुल्लक बचत बैंक जैसी नवाचारी पहल से विद्यालय में न केवल बच्चों की उपस्थिति बढ़ रही है, बल्कि उनकी बचत, कला और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो रही है। यह प्रयास ग्रामीण विद्यालयों में नवाचार का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभर रहा है।
