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बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता की मिसाल बना मध्य विद्यालय मलमल

शपथ ग्रहण चेतना सत्र में बच्चों को दी गई बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी मधुबनी। बाल विवाह जैसी कुप्रथा...

शपथ ग्रहण चेतना सत्र में बच्चों को दी गई बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी

मधुबनी। बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मध्य विद्यालय मलमल में एक विशेष शपथ ग्रहण चेतना सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार ने किया। उनके साथ संगीता कुमारी सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों के साथ मिलकर बाल विवाह उन्मूलन की शपथ ली। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण जागरूकता, संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से सराबोर दिखा।

कार्यक्रम की शुरुआत बाल विवाह के दुष्परिणामों पर चर्चा के साथ हुई। प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल देता है, बल्कि यह उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर भी गहरा नकारात्मक असर डालता है। उन्होंने बताया कि कम उम्र में विवाह होने से खासकर बालिकाओं को कई सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका जीवन संघर्षपूर्ण बन जाता है।

श्यामपट्ट पर चित्रों के माध्यम से दी गई जानकारी

सत्र के दौरान वर्ग कक्ष के श्यामपट्ट पर आकर्षक चित्रों के माध्यम से बच्चों को बाल विवाह के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। चित्रों में यह दर्शाया गया कि किस प्रकार कम उम्र में विवाह बच्चों के सपनों, पढ़ाई और जीवन के लक्ष्य को प्रभावित करता है। शिक्षकों ने इन चित्रों के माध्यम से सरल भाषा में बच्चों को समझाया कि सही उम्र में शिक्षा पूर्ण करने के बाद ही विवाह करना चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में एक बेहतर नागरिक के रूप में योगदान दे सकें।

संगीता कुमारी ने बच्चों को बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसके लिए सख्त कानूनी प्रावधान भी हैं। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह होता दिखे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या भरोसेमंद लोगों को देना चाहिए।

बच्चों ने लिया जागरूक रहने का संकल्प

शपथ ग्रहण के दौरान सभी बच्चों और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक साथ यह संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं बाल विवाह से दूर रहेंगे, बल्कि अपने परिवार, पड़ोस और समाज में भी इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे अपने माता-पिता और अभिभावकों को भी यह समझाने का प्रयास करेंगे कि शिक्षा सबसे बड़ा अधिकार है और विवाह सही उम्र पर ही होना चाहिए।

इस अवसर पर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई बच्चों ने अपने विचार भी साझा किए और कहा कि वे बड़े होकर समाज में फैली इस कुप्रथा को खत्म करने में अपनी भूमिका निभाएंगे।

समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल

विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के चेतना सत्र बच्चों के मन में सही सोच विकसित करते हैं। प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता भी विद्यालय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम किए जाएंगे, जिससे बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी जागरूक किया जा सके।

इस शपथ ग्रहण चेतना सत्र के माध्यम से मध्य विद्यालय मलमल ने यह संदेश दिया कि अगर बच्चों को सही समय पर सही दिशा दी जाए, तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव के सशक्त माध्यम बन सकते हैं।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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