कस्बा (पूर्णिया)। प्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा में सोमवार को प्रधानाध्यापिका ज्योति कुमारी के नेतृत्व में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष चेतना सत्र एवं शैक्षिक गतिविधि का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर पूरे दिन बच्चों की ऊर्जा, उत्साह व सीखने के जुनून से सराबोर रहा।
चेतना सत्र से बच्चों में सकारात्मकता का संचार
प्रधानाध्यापिका ज्योति कुमारी ने बताया कि बच्चों के साथ समय बिताना न केवल उन्हें सीखने के अवसर देता है, बल्कि शिक्षकों के मानसिक तनाव को भी कम करता है। उन्होंने कहा कि “बच्चों के साथ बिताए गए पल हमें अपने तनाव को दूर करने में काफी मदद करते हैं। उनकी मासूम बातें और जिज्ञासा हमें नई ऊर्जा प्रदान करती है।”
चेतना सत्र में बच्चों को दैनिक जीवन में अनुशासन, स्वच्छता और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक किया गया। शिक्षकों ने कहानी, गीत और संवाद के माध्यम से बच्चों में सकारात्मकता तथा आत्मविश्वास बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया।
एक्टिविटी के माध्यम से दाएं–बाएं की समझ
चेतना सत्र के बाद बच्चों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने के लिए ‘राइट–लेफ्ट एक्टिविटी’ कराई गई। इस गतिविधि में बच्चों को खेल-खेल में दाएं और बाएं की पहचान कराई गई। शिक्षकों ने रोचक तरीकों का प्रयोग करते हुए बच्चों को हाथ उठाकर दाएं और बाएं दिशा बताने, कक्षा में चलकर दिशा पहचानने तथा वस्तुओं को सही दिशा में रखने जैसे अभ्यास कराए। छोटी कक्षाओं के बच्चों ने उत्साहपूर्वक गतिविधि में भाग लिया और सीखने का भरपूर आनंद लिया।
शिक्षकों का अभिनव प्रयास सराहनीय
ज्योति कुमारी ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता को बढ़ाती हैं और सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक यदि रचनात्मक तरीकों से पढ़ाएं, तो बच्चे जल्दी सीखते हैं और सीखना उनके लिए बोझ नहीं बल्कि आनंद का माध्यम बन जाता है। विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने भी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग दिया और बच्चों को सही दिशा पहचानने के लिए प्रोत्साहित किया।
अभिभावकों ने व्यक्त की खुशी
कार्यक्रम की जानकारी पाकर कई अभिभावकों ने विद्यालय की पहल की प्रशंसा की। उनका कहना था कि ऐसी गतिविधियां बच्चों के मानसिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विद्यालय प्रबंधन ने आगे भी बच्चों के लिए नियमित रूप से ऐसे सत्र आयोजित करने की बात कही।
प्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा में आयोजित यह चेतना सत्र और दिशा-ज्ञान गतिविधि न केवल बच्चों के लिए सीखने का अवसर बना, बल्कि शिक्षकों के लिए तनाव दूर करने व सकारात्मक माहौल बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ। बच्चों की मुस्कान और उनकी जिज्ञासा ने पूरे वातावरण को खुशियों से भर दिया।