BREAKING NEWS
नचाप पंचायत में लगा सेवा सेतु सह सहयोग शिविर, डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएंविभिन्न पंचायतों में आयोजित सेवा सेतु सह सहयोग शिविर का अनुश्रवणहुनर से आत्मनिर्भरता की ओर : माधुरी देवी की सिलाई मशीन बनी नई उम्मीदसबका सम्मान, जीवन आसान” के साथ जनता के दरबार में जिला पदाधिकारी के जन सुनवाई में 160 आवेदनों पर हुई सुनवाईचिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट योगदान पर डॉ. आर.के. सिंह सम्मानितराजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव ने बक्सर जिले का किया दो दिवसीय भ्रमण, राजस्व कार्यों एवं भूमि संबंधी सेवाओं की समीक्षाप्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण समारोह संपन्न भारतीय संस्कृति, गुरु-परंपरा, विज्ञान और समाजसेवा का अनूठा संगमप्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा का राज्य अलंकरण समारोह 20 सितंबर को कुरुद मेंउत्क्रमित हाई स्कूल बरही, केवटी, दरभंगा की शिक्षिका वसुंधरा को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मानसमस्तीपुर के रोसड़ा में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह, 10 राज्यों के 185 शिक्षक हुए सम्मानितरोज़ की पहली दस्तक, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान : वीणा कुमारी जी की ओर से एक अनोखी पहलधरती को बचाने एवं अंगदान करने के संकल्प के साथ पदयात्रा का हुआ विराम'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत मध्य विद्यालय नाथनगर 01 में हुआ पौधारोपणभारत 1947 बनाम भारत 2047 विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित, विद्यार्थियों ने उकेरा विकसित भारत का सपनाविद्यालय को गोद लेकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का लिया संकल्प
No menu items available
BREAKING
नचाप पंचायत में लगा सेवा सेतु सह सहयोग शिविर, डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएंविभिन्न पंचायतों में आयोजित सेवा सेतु सह सहयोग शिविर का अनुश्रवणहुनर से आत्मनिर्भरता की ओर : माधुरी देवी की सिलाई मशीन बनी नई उम्मीदसबका सम्मान, जीवन आसान” के साथ जनता के दरबार में जिला पदाधिकारी के जन सुनवाई में 160 आवेदनों पर हुई सुनवाईचिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट योगदान पर डॉ. आर.के. सिंह सम्मानितराजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव ने बक्सर जिले का किया दो दिवसीय भ्रमण, राजस्व कार्यों एवं भूमि संबंधी सेवाओं की समीक्षाप्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण समारोह संपन्न भारतीय संस्कृति, गुरु-परंपरा, विज्ञान और समाजसेवा का अनूठा संगमप्रकृति शिक्षण विज्ञान यात्रा का राज्य अलंकरण समारोह 20 सितंबर को कुरुद मेंउत्क्रमित हाई स्कूल बरही, केवटी, दरभंगा की शिक्षिका वसुंधरा को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला राष्ट्रीय शिक्षक सम्मानसमस्तीपुर के रोसड़ा में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह, 10 राज्यों के 185 शिक्षक हुए सम्मानितरोज़ की पहली दस्तक, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान : वीणा कुमारी जी की ओर से एक अनोखी पहलधरती को बचाने एवं अंगदान करने के संकल्प के साथ पदयात्रा का हुआ विराम

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

नचाप पंचायत में लगा सेवा सेतु सह सहयोग शिविर, डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं
4 days ago
विभिन्न पंचायतों में आयोजित सेवा सेतु सह सहयोग शिविर का अनुश्रवण
4 days ago
हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर : माधुरी देवी की सिलाई मशीन बनी नई उम्मीद
2 weeks ago
सबका सम्मान, जीवन आसान” के साथ जनता के दरबार में जिला पदाधिकारी के जन सुनवाई में 160 आवेदनों पर हुई सुनवाई
2 weeks ago
चिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट योगदान पर डॉ. आर.के. सिंह सम्मानित
2 weeks ago
Advertisement

महिलाओं से चर्चा कर परिवार नियोजन के पांच सूचकांकों पर बढ़ाया जाएगा फोकस 

गर्भनिरोधक प्रचलन दर, हाई अनमेट नीड, समय पूर्व शादी, किशोरी प्रजनन पर आयेगी जागरूकता  प्रत्येक माह पीएचसी पर 120 बंध्याकरण...

गर्भनिरोधक प्रचलन दर, हाई अनमेट नीड, समय पूर्व शादी, किशोरी प्रजनन पर आयेगी जागरूकता 

प्रत्येक माह पीएचसी पर 120 बंध्याकरण करने का लक्ष्य 

पटना। नवीन राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (पांचवें) के अनुसार परिवार नियोजन के पांच सूचकांकों पर स्वास्थ्य विभाग फोकस करेगी। सूचकांकों पर फ्रंटलाइन वर्कर्स महिलाओं के साथ चर्चा कर उन्हें इसके महत्व को समझाएगी। जिन पांच सूचकांकों पर स्वास्थ्य विभाग फोकस करेगी।

इसमें गर्भनिरोधक प्रचलन दर, हाई अनमेट नीड, समय पूर्व शादी, किशोरी प्रजनन आदि शामिल है। इसके अलावा सभी जिलों को प्रत्येक माह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 120 बंध्याकरण या नसबंदी, संस्थागत प्रसव के विरुद्ध 20 प्रतिशत पोस्ट पार्टम आईयूसीडी और प्रत्येक स्वास्थ्य उपकेंद्र पर 5 अंतरा का लक्ष्य दिया गया है। 

यूनिसेफ के अनुसार, बाल विवाह कठोर सत्य है जो पांच में से एक लड़की की हो रही है। विश्व में 50 करोड़ से अधिक ऐसी लड़कियाँ और महिलाएँ जीवित हैं जिनका विवाह बचपन में ही कर दिया गया था। यूएन एजेंसी ने इस चुनौती से निपटने के लिए समन्वित, वैश्विक कार्रवाई पर बल दिया है ताकि वर्ष 2030 तक बाल विवाह के मामलों के उन्मूलन के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

“एजुकेट टू एंड चाइल्ड मैरिज” शीर्षक वाले एक शोध पत्र से पता चला है कि माता-पिता की काउंसलिंग और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से भारत में 49 हजार 813 बाल विवाह रोके गए, जबकि बाल विवाह के 9 हजार 551 मामलों में कानूनी हस्तक्षेप किया गया। इसमें सबसे ज्यादा (2022—23 में) 31 प्रतिशत बाल विवाह बिहार में रोके गए। 

यूनिसेफ के इस डेटा से ताल्लुक रखती शिवहर की दूरदराज के अदौरी गांव की आशा रंभा कहती हैं कि “हम जब भी परिवार नियोजन की जानकारी लेकर लोगों के बीच जाते हैं तो लोगों को बाल विवाह और किशोरी प्रजनन से बचने की सलाह देते हैं।

इसके अलावा दो बच्चों में समय के अंतर रखने के लिए प्रचलन में आए गर्भनिरोधक की सलाह भी देते हैं। पिछले दो तीन वर्षों में बाल विवाह और किशोरी प्रजनन में भी कमी आयी है। यह गांवों में भी देखने को मिल रहा है।”

न्यून प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की होगी समीक्षा 

हाल ही में हुए समीक्षा बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले के परिवार नियोजन में सबसे न्यून प्रदर्शन करने वाले चार प्रखंडों के नर्स, आशा, सीएचओ, बीएचएम, बीसीएम के साथ उनके कार्यों की समीक्षा करेगें। समीक्षा के दौरान पायी गयी कमियों को भी पूरा करने में सहयोग देगें।

इसके अलावा प्रखंड की आशा और एएनएम को सक्रियता बढ़ाने हेतु प्रोत्साहित भी करेगें। आशा की सक्रियता प्रखंड में बढ़ने से न सिर्फ नियमित प्रतिरक्षण के आच्छादन में वृद्धि होगी बल्कि मातृ स्वास्थ्य परिवार नियोजन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सूचकांक में भी प्रगति होगी, जिससे स्वास्थ्य सूचकांक में अच्छा प्रदर्शन कर पाएगा।

अभय कुमार

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top