पटना में आयोजित राज्य स्तरीय क्षमतावर्द्धन एवं सम्मान समारोह में 38 जिलों से चयनित शिक्षकों को मिली उपाधि
मधुबनी। प्राथमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा राज्य के चयनित निपुण शिक्षकों का एक दिवसीय क्षमतावर्द्धन एवं सम्मान समारोह पटना में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन निदेशक प्राथमिक शिक्षा, साहिला, प्राथमिक शिक्षा उप निदेशक, एससीईआरटी एवं मिशन निपुण बिहार टीम के संयुक्त नेतृत्व में किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य उन शिक्षकों को सम्मानित करना था, जिन्होंने मिशन निपुण बिहार के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण, नवाचारी एवं बाल-हितैषी शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी रूप से लागू किया है।
समारोह में बिहार के सभी 38 जिलों से चयनित उत्कृष्ट शिक्षकों को ‘निपुण शिक्षक’ की प्रतिष्ठित उपाधि प्रदान की गई। अधिकारियों ने कहा कि निपुण शिक्षक ही विद्यालय स्तर पर सीखने की प्रक्रिया को व्यवहारिक, रोचक और परिणामोन्मुख बनाते हैं। इनके प्रयासों से बच्चों में भाषा, गणित और व्यवहारिक कौशलों के विकास में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।
इसी क्रम में मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय मलमल की शिक्षिका संगीता कुमारी को प्राथमिक शिक्षा उप निदेशक साहिला मैंम के द्वारा सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान मिशन निपुण बिहार के संचालन में सर्वोच्च सहभागिता, नवाचारी शिक्षण तकनीक, शैक्षणिक कार्यशालाओं में सक्रिय भूमिका एवं विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण निर्मित करने के लिए प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्हें प्रशस्ति-पत्र एवं प्रतीक चिह्न प्रदान किया गया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद संगीता कुमारी ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए प्रेरणादायक है तथा आगे भी वे बच्चों के सीखने के स्तर को सुदृढ़ करने, सक्रिय शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने एवं डिजिटल शिक्षण साधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने पर निरंतर कार्य करती रहेंगी। उन्होंने विद्यालय परिवार, जिला शिक्षा विभाग और मिशन निपुण टीम के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में मिशन निपुण बिहार टीम द्वारा आगामी सत्र में शिक्षण मॉड्यूल, मूल्यांकन प्रक्रिया एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और सशक्त बनाने पर चर्चा की गई। साथ ही शिक्षकों से राज्य के शैक्षणिक परिदृश्य को नया आयाम देने का आह्वान किया गया।
यह सम्मान न केवल संगीता कुमारी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि मधुबनी जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई पहचान देने वाला कदम भी माना जा रहा है।