नवाचारी शिक्षक पिंटू रंजन के नेतृत्व में हुई सराहनीय पहल
बनियापुर (सारण)। भारतीय भाषा उत्सव – 2025 के उपलक्ष्य में उच्च माध्यमिक विद्यालय धवरी के छात्रों ने एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल करते हुए पोस्टर आधारित ‘भाषा वृक्ष’ का निर्माण किया। नवाचारी शिक्षक पिंटू रंजन के नेतृत्व में तैयार किए गए इस भाषा वृक्ष में भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया।
छात्रों की रचनात्मकता का अनूठा प्रदर्शन
विद्यालय परिसर में आयोजित गतिविधि के दौरान विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे पोस्टरों की सहायता से भाषा वृक्ष को तैयार किया।
इस वृक्ष की जड़, तना और शाखाओं में छात्रों ने भारतीय भाषाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए हिन्दी, संस्कृत, उर्दू, पंजाबी, गुजराती, मराठी, कोंकणी, बंगाली, असमी, उड़िया, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कश्य्मीरी, नेपाली, मणिपुरी, बोडो, मैथिली, संथाली, डोगरी और सिंधी भाषा को शामिल किया।
हर छात्र ने अपनी समझ, शोध और कला कौशल के आधार पर भाषाओं के इतिहास, बोलने वालों की संख्या और सांस्कृतिक महत्व को आकर्षक रूप में दर्शाया।
शिक्षक पिंटू रंजन की प्रेरक भूमिका
नवाचारी शिक्षण पद्धतियों के लिए पहचाने जाने वाले शिक्षक पिंटू रंजन ने बताया कि इस गतिविधि का उद्देश्य छात्रों में भाषाई विविधता के प्रति सम्मान, जागरूकता और गर्व की भावना विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और विरासत का अभिन्न हिस्सा है। भाषा वृक्ष के माध्यम से छात्रों ने न सिर्फ भाषाओं के बारे में सीखा, बल्कि टीमवर्क और रचनात्मक प्रस्तुति भी विकसित की।
विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में उत्सव जैसा वातावरण देखने को मिला। शिक्षक-शिक्षिकाओं और अभिभावकों ने भी छात्रों के कार्य की सराहना की। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों में शोध प्रवृत्ति और सृजनात्मक सोच विकसित होती है, जो शिक्षा के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।
उच्च माध्यमिक विद्यालय धवरी के छात्रों की यह रचनात्मक पहल भारतीय भाषाओं की समृद्ध परंपरा का सशक्त संदेश देती है और भाषा उत्सव 2025 को सार्थक बनाती है।