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बच्चों को दी गई अगलगी से खतरे एवं बचाव की जानकारी, माहवारी स्वच्छता की जानकारी के साथ सेनेटरी नैपकिन वितरण

समेली। मध्य विद्यालय बखरी खरकट्टा, समेली, कटिहार में शनिवार को सुरक्षित शनिवार के तहत बच्चों को अगलगी से खतरे एवं...

समेली। मध्य विद्यालय बखरी खरकट्टा, समेली, कटिहार में शनिवार को सुरक्षित शनिवार के तहत बच्चों को अगलगी से खतरे एवं बचाव के संदर्भ में जानकारी दी गई. इसके अलावे माहवारी स्वच्छता की जानकारी देने के साथ सेनेटरी नैपकिन वितरण किया गया. इस क्रम में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया.

बता दें कि प्रखंड के विभिन्न प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मार्च के प्रथम सप्ताह में सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. फोकल शिक्षकों ने बच्चों को अगलगी के कारण, अगलगी से बचने के उपाय से संबंधित विस्तृत जानकारी दी.

खाना बनाने, खेतों में कटनी के दौरान बीड़ी-सिगरेट पीकर फेंकना, पटाखा फोड़ने के दौरान फैलने वाले चिंगारी, मोमबत्ती, दीप जलाने के दौरान घर में लगने वाले आग से अवगत कराया. दमकल को सूचना देने, खाना बनाने के दौरान किचन में पानी रखने सहित अन्य समाधान के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी. शिक्षिका वंदना ने बताया कि बिजली से भी अक्सर शॉर्ट सर्किट में आग लगने की घटना घटित हो रही है.

रसोई गैस के उपयोग के दौरान पाइप लिकेज से घरों में एवं मां बहनों को आग लग सकती है. सतर्कता एवं संचालन में सावधानी पूर्वक गैस चूल्हा चलाने के आवश्यकता पर जोर दिया गया. प्रमाणिक कंपनी से ही बिजली तार, स्वीच, होल्डर आदि लगाने, टोका फंसाकर बिजली का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की. मौके पर स्कूल के प्रधानाध्यापक, सहायक शिक्षक और बच्चे मौजूद थे.

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आग लगने पर तुरंत १०१ नंबर पर कॉल करके सूचना दें. यह न सोचें कि कोई दूसरा इसकी सूचना पहले ही दे चुका होगा.

आग लगने पर सबसे पहले इमारत की अग्नि चेतावनी की घंटी (फायर अलार्म) को सक्रिय करें | फिर बहुत जोर से “आग-आग” चिल्लाकर लोगों को सचेत करें | चेतावनी कम शब्दों में ही दें, नहीं तो लोगों को घटना की गंभीरता समझने में ज्यादा समय लग जायेगा.

आग लगने पर लिफ्ट का उपयोग न करें, केवल सीढ़ियों का ही प्रयोग करें |

धुएं से घिरे होने पर अपने नाक और मुंह को गीले कपडे से ढंक लें.

अगर आप धुएं से भरे कमरे में फंस जाएं और बाहर निकलने का रास्ता न हो, तो दरवाजे को बंद कर लें, और सभी दरारों और सुराखों को गीले तौलिये या चादरों से सील कर दें, जिससे धुआं अंदर न आ सके|

अगर आग आपकी अपनी ईमारत में लगी है, और आप अभी फ़से नहीं हैं तो पहले बाहर आएं और वहीं रूककर १०१ नंबर पर अग्निशमन सेवा को घटना की सूचना दें.

अपने घर और कार्यालय में स्मोक (धुआं) डिटेक्टर अवश्य लगाएं क्योकि अपनी सुरक्षा के उपाय करना सदैव ही बेहतर और अच्छा होता है.

निश्चित अंतराल पर इमारत में लगे फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, पानी के स्त्रोत, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, अग्निशामक की जांच करवाते रहें.

अपने आस पास लगे अग्निशामक की तारीख जांच लें| ध्यान दें की समय समय पर उसकी सर्विसिंग हो और उसमे आग बुझाने वाले गैस अथवा केमिकल को बदला/भरा जाए.

अग्निशामक यन्त्र का प्रयोग कब और कैसे करना है ,इस बारे में अवश्य जाने और लोगों को भी इसकी जानकारी दें.

इमारत की समिति को हर छह महीने में अग्निशमन अभ्यास कराना चाहिए| आपातकाल में एकत्र होने के स्थल (emergency assembly point) का भी निरिक्षण करना चाहिए.

घटनास्थल के नज़दीक भीड़ न लगने दें ,इससे आपातकालीन अग्निशमन सेवा और बचाव कार्य में बाधा होती है. ऐसी स्थिति में १०१ पर कॉल करे और वहां से दूर हो जाए.

यदि आपके कपड़ो में आग लग जाए तो भागे नहीं ,इससे आग और भड़केगी. जमीन पर लेट जाए और उलट पलट(रोल) करे| किसी कम्बल, कोट या भारी कपडे से ढक कर आग बुझाएं.

अगर आप आपातकालीन सेवा और अग्नि सुरक्षा में प्रशिक्षित नहीं हैं, तो आग में फंसे लोगों को निर्देश न दें. ऐसा करके आप उन्हें भ्रमित या गुमराह कर सकते हैं, जिससे किसी की जान भी जा सकती है.

भारी धुंआ और जहरीली गैस सबसे पहले छत की तरफ इकट्ठा होती है, इसलिए अगर धुआं हो तो ज़मीन पर झुक कर बैठें .

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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