जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण द्वारा आयोजित समारोह में मिला विशेष सम्मान
सारण। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सारण द्वारा आयोजित भव्य समारोह में दरियापुर की विशिष्ट शिक्षिका एवं राज्य शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित डॉ. पूनम कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुनीत कुमार गर्ग, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार सारण, ने डॉ. पूनम कुमारी को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
शिक्षा के माध्यम से मानवाधिकारों की जागरूकता का विस्तार
समारोह में वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मानवाधिकारों की सुरक्षा और संवर्द्धन के लिए शिक्षा एक सबसे प्रभावी साधन है। डॉ. पूनम कुमारी के कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा गया कि उन्होंने स्कूल स्तर पर बच्चों और अभिभावकों के बीच मानवाधिकार, लैंगिक समानता, बाल सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार जैसी महत्वपूर्ण अवधारणाओं को रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सरल और प्रभावी ढंग से पहुँचाया है।
उनके नवाचारों ने न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाई, बल्कि समाज के वंचित तबकों में भी जागरूकता का नया रास्ता खोला है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि डॉ. कुमारी लंबे समय से विद्यालयों में मूलभूत अधिकारों से जुड़े विषयों पर संवाद, वर्कशॉप और गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति पर कार्य कर रही हैं।
कार्यक्रम की विशेषताएँ और न्यायालय की पहल
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने की पहल के तहत आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
मुख्य अतिथि पुनीत कुमार गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि मानवाधिकार सार्वभौमिक हैं और इनकी रक्षा हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने शिक्षा को मानवाधिकारों का प्रमुख स्तंभ बताते हुए कहा कि “एक जागरूक शिक्षक हजारों बच्चों और परिवारों के भविष्य को बदल सकता है।”
मानवाधिकार दिवस का ऐतिहासिक महत्व
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मनाया जाता है।
वर्ष 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (Universal Declaration of Human Rights) को अपनाया था। इसके बाद वर्ष 1950 से दुनिया भर में इस दिवस को औपचारिक रूप से मनाया जाने लगा। इसका उद्देश्य मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समाज को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और गरिमा के मूल्यों से जोड़ना और सभी नागरिकों को इन अधिकारों की रक्षा के लिए प्रेरित करना है।
डॉ. पूनम कुमारी की उपलब्धियों को मिली नई पहचान
डॉ. कुमारी को मिला यह सम्मान उनके समर्पण, नवाचार और शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस सम्मान ने न केवल उनके कार्यों को नई पहचान दी है बल्कि पूरे सारण जिले के लिए भी गौरव का क्षण बना है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने डॉ. कुमारी को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।