BREAKING NEWS
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत मध्य विद्यालय नाथनगर 01 में हुआ पौधारोपणभारत 1947 बनाम भारत 2047 विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित, विद्यार्थियों ने उकेरा विकसित भारत का सपनाविद्यालय को गोद लेकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का लिया संकल्पमांगों को लेकर नियोजित शिक्षकों ने भरी हुंकार, बक्सर में एकदिवसीय सम्मेलन,बक्सर बॉल बैडमिंटन एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन, प्रतीक कुमार चतुर्वेदी बने अध्यक्षबीपीएससी में 15वीं रैंक लाकर मधुबाला बनीं आरडीओ, विद्यालय में हुआ सम्मान समारोहडीएम साहिला ने की समीक्षा बैठक, अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरणडायट डुमरा में ई-शिक्षा डिजिटल पत्रिका का भव्य वार्षिकोत्सवअजय ने बढ़ाया जिले का मान, राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचमडुमरांव की बेटी तनिषा ने बढ़ाया जिले का मान, पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी भटींडा चंडीगढ़ में गोल्ड मेडल से हुई सम्मानितरामरेखा घाट पर प्रभु श्रीराम की भव्य मूर्ति स्थापित होगी : मुख्यमंत्रीभीषण गर्मी में जल संरक्षण का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रहे ‘जल पुत्र’ अजय रायVoice & Vision Academy Opens Admissions for NIOS Grade X & XIIगुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव पर डॉ. संजीव कुमार को मिला “अनसंग हीरोज अवार्ड 2026”सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में कैम्ब्रिज स्कूल का शानदार प्रदर्शन
No menu items available
BREAKING
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मध्य विद्यालय नाथनगर 01 में हुआ पौधारोपणभारत 1947 बनाम भारत 2047 विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित, विद्यार्थियों ने उकेरा विकसित भारत का सपनाविद्यालय को गोद लेकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का लिया संकल्पमांगों को लेकर नियोजित शिक्षकों ने भरी हुंकार, बक्सर में एकदिवसीय सम्मेलन,बक्सर बॉल बैडमिंटन एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन, प्रतीक कुमार चतुर्वेदी बने अध्यक्षबीपीएससी में 15वीं रैंक लाकर मधुबाला बनीं आरडीओ, विद्यालय में हुआ सम्मान समारोहडीएम साहिला ने की समीक्षा बैठक, अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरणडायट डुमरा में ई-शिक्षा डिजिटल पत्रिका का भव्य वार्षिकोत्सवअजय ने बढ़ाया जिले का मान, राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचमडुमरांव की बेटी तनिषा ने बढ़ाया जिले का मान, पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी भटींडा चंडीगढ़ में गोल्ड मेडल से हुई सम्मानितरामरेखा घाट पर प्रभु श्रीराम की भव्य मूर्ति स्थापित होगी : मुख्यमंत्रीभीषण गर्मी में जल संरक्षण का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रहे ‘जल पुत्र’ अजय राय

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मध्य विद्यालय नाथनगर 01 में हुआ पौधारोपण
3 days ago
भारत 1947 बनाम भारत 2047 विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित, विद्यार्थियों ने उकेरा विकसित भारत का सपना
4 days ago
विद्यालय को गोद लेकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का लिया संकल्प
2 weeks ago
मांगों को लेकर नियोजित शिक्षकों ने भरी हुंकार, बक्सर में एकदिवसीय सम्मेलन,
2 weeks ago
बक्सर बॉल बैडमिंटन एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी का गठन, प्रतीक कुमार चतुर्वेदी बने अध्यक्ष
3 weeks ago
Advertisement

हस्तकला के माध्यम से शिक्षा में नवाचार : ई.एम.पी.एस नगवा मैदो की प्रेरणादायक पहल

शिक्षिका प्रियंका मौर्य की सृजनात्मक सोच ने बच्चों की पढ़ाई को बनाया रुचिकर और व्यावहारिक आजमगढ़, उत्तर प्रदेश । शिक्षा...

शिक्षिका प्रियंका मौर्य की सृजनात्मक सोच ने बच्चों की पढ़ाई को बनाया रुचिकर और व्यावहारिक

आजमगढ़, उत्तर प्रदेश । शिक्षा के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ते हुए, ई.एम.पी.एस नगवा मैदो, महाराजगंज की शिक्षिका प्रियंका मौर्य ने बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को रचनात्मक बनाने के लिए हस्तकला (हैंडिक्राफ्ट) को शिक्षण का हिस्सा बनाया है। यह प्रयास बच्चों में न केवल सीखने की रुचि बढ़ा रहा है, बल्कि उनकी कल्पनाशक्ति, एकाग्रता और व्यवहारिक समझ को भी विकसित कर रहा है।

हस्तकला से सीखने में रुचि और गहराई

प्रियंका मौर्य का मानना है कि जब बच्चे खुद चीजों को बनाते हैं, छूते हैं और उनका प्रदर्शन करते हैं, तो वे विषयों को ज्यादा गहराई से समझते हैं। यह प्रक्रिया उन्हें केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें अनुभवात्मक ज्ञान भी प्रदान करती है।

आत्मविश्वास और संप्रेषण क्षमता में वृद्धि

हस्तकला गतिविधियों के दौरान बच्चे जब अपनी बनाई वस्तुएं कक्षा या विद्यालय में प्रस्तुत करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। वे अपने विचारों को व्यक्त करना सीखते हैं, जो कि उनके संप्रेषण कौशल को निखारता है। इस प्रक्रिया में वे आलोचना को सहन करना और सुधार के लिए तैयार रहना भी सीखते हैं।

टीमवर्क और सहयोग की भावना का विकास

समूह में मिलकर हस्तकला की परियोजनाएं करने से बच्चों में टीमवर्क और सहयोग की भावना मजबूत होती है। वे एक-दूसरे की मदद करना, विचार साझा करना और मिलकर कार्य को पूरा करना सीखते हैं, जो उनके सामाजिक और नैतिक विकास में सहायक होता है।

शैक्षिक विषयों को व्यावहारिक रूप देना

प्रियंका मौर्य ने गणित, विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन जैसे विषयों को हस्तकला के माध्यम से रोचक बनाने की कोशिश की है। उदाहरण के तौर पर, ज्यामितीय आकारों को रंगीन कागज से बनवाकर बच्चों को आकारों की पहचान कराई गई, और पौधों की संरचना को चार्ट और मॉडल के माध्यम से समझाया गया।

समाज और परंपरा से जोड़ने का प्रयास

हस्तकला केवल रचनात्मकता ही नहीं सिखाती, बल्कि बच्चों को उनकी संस्कृति और परंपराओं से भी जोड़ती है। स्थानीय कला और शिल्प को शिक्षा से जोड़कर प्रियंका मौर्य बच्चों में सांस्कृतिक चेतना विकसित कर रही हैं।

ई.एम.पी.एस नगवा मैदो की यह पहल एक प्रेरणा स्रोत बन रही है, जो यह साबित करती है कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि अनुभव, रचनात्मकता और भागीदारी के माध्यम से भी दी जा सकती है। शिक्षिका प्रियंका मौर्य की यह अभिनव सोच न केवल बच्चों को बेहतर शिक्षा दे रही है, बल्कि भविष्य के समर्थ नागरिक भी तैयार कर रही है।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top