पटना/वैशाली। दिल्ली एनसीआर के फरीदाबाद स्थित मैजिक ऑफ आर्ट यूनिवर्सिटी द्वारा शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राजकीय मध्य विद्यालय आदमपुर, गौरौल, वैशाली में कार्यरत शिक्षिका नीलम कुमारी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षण कार्यों में नवाचार, साहित्यिक लेखन तथा समाज में शिक्षा के प्रसार हेतु किए गए निरंतर और प्रभावशाली प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
शिक्षिका नीलम कुमारी लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नवीन शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों, मूल्य आधारित शिक्षण और बाल-केंद्रित शिक्षा पद्धति को बढ़ावा दिया है। उनके प्रयासों से विद्यालय में बच्चों की सीखने की रुचि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश में शिक्षा को रोचक और प्रभावी बनाने के उनके प्रयासों की सराहना की गई है।
साहित्यिक क्षेत्र में भी नीलम कुमारी का योगदान सराहनीय रहा है। उन्होंने शिक्षा, समाज और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर लेखन कर समाज को जागरूक करने का कार्य किया है। उनके लेख विभिन्न मंचों पर प्रकाशित हुए हैं, जिनमें शिक्षा के महत्व, शिक्षक की भूमिका और बच्चों के नैतिक विकास जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है। विश्वविद्यालय ने उनके इसी बहुआयामी योगदान को ध्यान में रखते हुए यह सम्मान प्रदान किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद नीलम कुमारी ने मैजिक ऑफ आर्ट यूनिवर्सिटी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरेट की यह मानद उपाधि उनके लिए केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक समर्पण और निष्ठा के साथ शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।
नीलम कुमारी ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, सहकर्मियों और विद्यार्थियों को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग, सहकर्मियों का मार्गदर्शन और विद्यार्थियों का स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। बच्चों का प्यार और उनकी प्रगति ही उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
स्थानीय शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने भी नीलम कुमारी को इस सम्मान के लिए बधाई दी है। उनका कहना है कि यह सम्मान न केवल नीलम कुमारी के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत है। यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि समर्पण, नवाचार और समाज के प्रति जिम्मेदारी से किया गया कार्य अवश्य ही पहचान और सम्मान दिलाता
