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शिक्षा और लेखन क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वंदना कुमारी को मानद डॉक्टरेट की उपाधि

पटना। शिक्षा और लेखन के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने वाली चकिया प्रखंड, पूर्वी चंपारण स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय...

पटना। शिक्षा और लेखन के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने वाली चकिया प्रखंड, पूर्वी चंपारण स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय साहू टोला बांध के निकट जमुनिया की प्रधान शिक्षिका वंदना कुमारी को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। दिल्ली-एनसीआर के फरीदाबाद में आयोजित एक गरिमामय समारोह में मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी की ओर से उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। इस सम्मान की घोषणा के साथ ही न केवल उनके विद्यालय बल्कि पूरे शिक्षक समाज में हर्ष और गर्व का माहौल व्याप्त हो गया है।

समारोह में शिक्षा, साहित्य, कला और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले देशभर के प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में वंदना कुमारी को उनके द्वारा शिक्षा जगत में किए गए नवाचार, बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों तथा लेखन के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए यह प्रतिष्ठित उपाधि प्रदान की गई। मंच से वक्ताओं ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश में रहते हुए भी उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है।

वंदना कुमारी लंबे समय से शिक्षण कार्य से जुड़ी हुई हैं और उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए अनेक अभिनव प्रयोग किए हैं। बच्चों में रचनात्मकता विकसित करने, पढ़ाई को रोचक बनाने तथा नैतिक मूल्यों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में उनका योगदान सराहनीय रहा है। इसके साथ ही वे लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं और शिक्षा, समाज तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर उनके लेख विभिन्न मंचों पर सराहे गए हैं।

डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिलने के बाद अब वे अपने नाम के आगे ‘डॉ. वंदना कुमारी’ लिखेंगी। इस उपलब्धि पर जिले सहित पूरे राज्य के शिक्षकों, शिक्षा अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयाँ और शुभकामनाएँ दी हैं। सहकर्मियों का कहना है कि यह सम्मान न केवल वंदना कुमारी की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे शिक्षक समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

इस अवसर पर वंदना कुमारी ने कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, सहकर्मियों और विद्यार्थियों को दिया और कहा कि बच्चों का प्यार और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में वे शिक्षा और लेखन के माध्यम से समाज के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करती रहेंगी।

कुल मिलाकर, वंदना कुमारी को मिली यह मानद डॉक्टरेट उपाधि शिक्षा जगत के लिए गौरव की बात है और यह साबित करती है कि समर्पण, मेहनत और सकारात्मक सोच के बल पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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