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जीएमएस कुम्हरार, फेनहरा ब्लॉक में सुरक्षित शनिवार के तहत चक्रवाती तूफान से बचाव पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

पूर्वी चम्पारण, फेनहरा। जीएमएस कुम्हरार, फेनहरा ब्लॉक में “सुरक्षित शनिवार” कार्यक्रम के तहत चक्रवाती तूफान और आंधी से होने वाले...

पूर्वी चम्पारण, फेनहरा। जीएमएस कुम्हरार, फेनहरा ब्लॉक में “सुरक्षित शनिवार” कार्यक्रम के तहत चक्रवाती तूफान और आंधी से होने वाले खतरों तथा उनसे बचाव के उपायों पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव रंजन सिंह ने की, जबकि संचालन शिक्षिका सबनम खातून ने किया।

चक्रवात क्या है ?

छात्रों को बताया गया कि जब कम वायुमंडलीय दबाव के चारों ओर गरम हवा तेज़ी से घूमने लगती है, तो उसे चक्रवात कहा जाता है। यह विशेष रूप से समुद्री क्षेत्रों में उत्पन्न होकर ज़मीन की ओर बढ़ता है। उत्तरी गोलार्ध में इन्हीं तूफानों को ‘हरिकेन’ या ‘टाइफून’ के नाम से जाना जाता है।

चक्रवाती तूफानों के खतरे

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि चक्रवात के दौरान भारी वर्षा, तेज़ हवाएं, व्रजपात (बिजली गिरना) और जन-धन की हानि जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह खतरा और अधिक होता है, जहां कच्चे मकानों की संख्या अधिक होती है।

बचाव के उपाय, विशेष सत्र में विद्यार्थियों को निम्नलिखित सुरक्षा उपायों से अवगत कराया गया:

  1. चक्रवात के समय ऊपरी मंजिल की बजाय घर की निचली मंजिल पर रहें।
  2. खिड़की और दरवाज़ों से दूर रहें ताकि टूटे हुए कांच या उड़ती हुई वस्तुओं से बचा जा सके।
  3. रेडियो, टीवी या मोबाइल के माध्यम से मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और मौसम के साफ़ होने की पुष्टि के बाद ही बाहर निकलें।
  4. छत पर ना जाएं, विशेषकर तेज़ हवा और बारिश के दौरान।
  5. व्रजपात के समय खुले में हों तो उकड़ू मुकड़ू होकर जमीन पर बैठ जाएं और किसी ऊँचे वस्तु के पास खड़े ना हों।

विद्यालय की सराहनीय पहल

विद्यालय द्वारा किया गया यह प्रयास विद्यार्थियों में प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्कता और आत्म-सुरक्षा की भावना को जागृत करने वाला है। स्थानीय अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की उम्मीद जताई।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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