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कठिन क्षेत्रों व उपेक्षित लोगों के बीच अस्थायी साधन का किया जा रहा प्रसार

-गर्भ निरोधकों के इस्तेमाल से 20 से 30 प्रतिशत मातृ मृत्यु दर में आ सकती है कमी -गर्भनिरोधक का इस्तेमाल...

-गर्भ निरोधकों के इस्तेमाल से 20 से 30 प्रतिशत मातृ मृत्यु दर में आ सकती है कमी

-गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करने वाली 90 प्रतिशत महिलाएं कराती है बंध्याकरण

मुजफ्फरपुर। परिवार नियोजन स्वस्थ्य परिवार की महत्वपूर्ण कड़ी है जो महिला और बच्चे के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार की आर्थिक मजबूती को भी सुनिश्चित करने में सहायक होता है। गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल से 20 से 30 प्रतिशत मातृ मृत्युदर में कमी लायी जा सकती है। इन्हीं गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए जिले के दूरस्थ एवं उपेक्षित समुदाय के बीच पीरामल संस्था अस्थायी गर्भनिरोधकों के इस्तेमाल के लिए योग्य दंपतियों के बीच जागरूक कर रही है।

इस संबंध में पीरामल के नसीरूल होदा ने बताया कि जिले की भौगोलिक एरिया काफी कठिन है। ऐसे में बहुत सारे गांव ऐसे हैं जहां गर्भनिरोधक के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। वहीं कुछ ऐसे समुदाय और स्लम है,जहां जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए गर्भनिरोधक का इस्तेमाल जरूरी है। ऐसे में हम उन्हें गर्भनिरोधक के अस्थाई साधन के बारे में बताते हैं क्योंकि इसका इस्तेमाल आसान और सरल है। इसे बाद इच्छुक लाभार्थियों के बीच आशा कार्यकर्ता के माध्यम से इसकी उपलब्धता को भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

बिहार में परिवार नियोजन की वर्तमान स्थिति:

-बिहार की लगभग 58 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है।

-बिहार की वर्तमान प्रजनन दर 3 है।

-औसत 19 वर्ष में महिला पहले बच्चे को जन्म दे रही है।

-24 वर्ष के उम्र में महिला पहली बार किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल कर रही है।

-इस साढ़े पांच साल के दौरान एक महिला औसतन 3 बच्चे को जन्म दे रही है।

-जो महिला गर्भनिरोधक का उपयोग कर रही है, उसमे लगभग 90 प्रतिशत महिलाएं बंध्याकरण करवा रही है।

-गर्भनिरोधक के उपयोग से मातृ मृत्यु के संख्या में लगभग 20 से 30 प्रतिशत की कमी हो सकती है, और गर्भधारण में 3 साल का अंतर होने से बच्चे को स्वास्थ्य लाभ मिलता है।

सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में उपलब्ध परिवार नियोजन के साधन:

-अस्थाई साधन: कंडोम (पुरुष), माला एन, छाया, अंतरा, आई. यू. सी. डी. (कॉपर टी) एवम आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली।

-स्थाई साधन: महिला बंध्याकरण (टी एल), पुरुष नसबंदी (एन एस भी)

परिवार नियोजन सेवा की उपलब्धता:

-आशा के पास एवम भी. एच. एस. एन. डी. सत्र पर उपलब्ध परिवार नियोजन के साधन-  कंडोम, माला एन, छाया एवम गर्भनिरोधक गोली।

-सभी स्वास्थ्य संस्थान (एच.डब्लू. सी., पी. एच. सी., सी. एच. सी., आर. एच., एस. डी. एच., डी. एच.) एवम मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध साधन- कंडोम, माला एन, छाया, आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली, अंतरा, आई. यू. सी. डी. (कॉपर टी), महिला बंध्याकरण एवम पुरुष नसबंदी।

परिवार नियोजन और बच्चों में अंतर रखने से होने वाले लाभ-

महिला को होने वाले लाभ :

-माँ की मृत्यु की सम्भावना लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

-गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताओं की संभावना कम हो जाती है।

-बच्चों में 3 साल का अंतराल, माँ को पहले बच्चे की सही देखभाल करने तथा अगले बच्चे के लिए  मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से तैयार होने में मदद करता है।

बच्चे को होने वाले लाभ :

-शिशु मृत्यु की संभावना लगभग 50 प्रतिशत कम हो जाती है।

-नवजात शिशु के समय पूर्व एवं कमजोर जन्म के खतरे को कम करता है।

-नवजात/शिशु मृत्यु एवं प्रसव के समय बच्चे को होने वाले संभावित नुकसान के खतरे को कम करता है।

अभय कुमार

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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