शिक्षक समाज और राष्ट्र की प्रगति के आधार : डॉ. राजभूषण चौधरी
रोसड़ा में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह, 10 राज्यों के 185 शिक्षक हुए सम्मानित
रोसड़ा। शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की बुनियाद है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनके चरित्र, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने में शिक्षकों का योगदान अतुलनीय है। उक्त बातें केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने रविवार को रोसड़ा में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान समारोह में कहीं।
मुसाय नायक सीता देवी एजुकेशनल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में उत्क्रमित हाई स्कूल बरही, केवटी, दरभंगा, बिहार की शिक्षिका वसुंधरा कुमारी को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026 प्रदान किया गया। सम्मान मिलने पर उनके विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।
केंद्रीय मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने कहा कि शिक्षक समाज के भविष्य को गढ़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों के शैक्षणिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए शिक्षा बजट में वृद्धि, सरकारी विद्यालयों के विस्तार तथा स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के साथ बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर सरकार का विशेष जोर है।
शिक्षा के साथ कौशल विकास भी जरूरी : अरुण कुमार
बिहार सरकार के कौशल विकास एवं श्रम संसाधन मंत्री अरुण कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ कौशल विकास भी जरूरी है। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक एवं रोजगारपरक दक्षताओं से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को बदलते तकनीकी और रोजगार के वातावरण के अनुरूप तैयार करने में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की चर्चा करते हुए नए डिग्री महाविद्यालयों और मॉडल स्कूलों की स्थापना को महत्वपूर्ण पहल बताया। साथ ही श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी।
विधान पार्षद डॉ. तरुण चौधरी ने कहा कि विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक भावना विकसित करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में संचालित योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
राकेश कुमार को भी मिला सम्मान
समारोह के दौरान समस्तीपुर जिले के राजकीय शिक्षक सम्मान प्राप्त शिक्षक राकेश कुमार को भी सम्मानित किया गया। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी सहित अन्य अतिथियों ने उन्हें सम्मान प्रदान करते हुए उनके कार्यों की सराहना की।
स्थानीय विधायक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किए जाने से शिक्षा जगत में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की।
समारोह में पूर्व विधान पार्षद सुमन महासेठ, भाजपा जिलाध्यक्ष नीलम सहनी, पार्टी नेत्री कंचन झा, पूर्व प्राचार्य प्रो. शिवशंकर प्रसाद सिंह सहित अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखे।
समारोह की अध्यक्षता देवेंद्र महासेठ ने की, जबकि संचालन अखिलेश कुमार ने किया। संस्था के संस्थापक सत्येंद्र कुमार नायक ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके पिता एवं पूर्व विधान पार्षद स्व. मुसाय नायक द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में शुरू किए गए प्रयासों को आगे बढ़ाने का कार्य लगातार किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भावनृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं।
10 राज्यों के 185 शिक्षक सम्मानित
आयोजकों के अनुसार समारोह में बिहार के अलावा झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश सहित 10 राज्यों से शिक्षक शामिल हुए। पूर्व में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त 17 शिक्षकों को नवरत्न शिक्षक सम्मान, जबकि 185 शिक्षकों को उत्कृष्ट शिक्षा सम्मान प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में सम्मानित शिक्षकों ने कहा कि ऐसे मंच शिक्षकों के शैक्षणिक योगदान को पहचान देने के साथ उन्हें भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
आयोजन को सफल बनाने में राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित राकेश कुमार, अरविंद कुमार नायक, सुजीत कुमार मंडल, विवेक कुमार सहित आयोजन समिति के अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।