नंदन गांव में लोगों को पेयजल बचाने के लिए किया जागरूक, दैनिक जीवन में जल के महत्व पर दिया जोर
डुमरांव। भीषण गर्मी और बढ़ती जल समस्या के बीच जहां एक ओर लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, वहीं जल संरक्षण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके “जल पुत्र” से विख्यात अजय राय लगातार लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक करने में जुटे हैं।इसी क्रम में उन्होंने डुमरांव प्रखंड के नंदन गांव पहुंचकर ग्रामीणों के बीच जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसकी एक-एक बूंद कीमती है। उन्होंने लोगों को दैनिक जीवन में पानी का सोच-समझकर उपयोग करने तथा अनावश्यक रूप से पेयजल की बर्बादी नहीं करने का संदेश दिया।
जल बचाने के लिए वर्षों से चला रहे अभियान
अजय राय लंबे समय से जल संरक्षण को लेकर जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उनकी पहल का उद्देश्य लोगों में पानी के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है। इसी अभियान के तहत उन्होंने अपने निजी खर्च से हजारों की संख्या में नलकों में टोटी लगवाई है, ताकि पानी की अनावश्यक बर्बादी को रोका जा सके।
स्कूलों और संस्थानों में भी फैला रहे जागरूकता
अजय राय केवल गांव और शहरों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ कोचिंग संस्थानों में भी जाकर छात्र-छात्राओं को जल संरक्षण के प्रति प्रेरित करते हैं। उनका मानना है कि यदि बच्चों में शुरुआत से ही जल बचाने की आदत विकसित हो जाए तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना कम करना पड़ेगा।
जल संरक्षण के प्रति समर्पण पर मिला सम्मान
जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और लगातार किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए उन्हें “जल योद्धा अवार्ड” से सम्मानित भी किया जा चुका है। अजय राय का कहना है कि जल बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि आज से ही पानी बचाने का संकल्प लें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।