कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने गणित–विज्ञान के नवाचारी मॉडल से दिखाई रचनात्मकता
सासाराम (रोहतास)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), सासाराम, रोहतास में Project Based Learning (PBL) आधारित जिला स्तरीय मेले का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक मेले में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों ने गणित एवं विज्ञान विषयों पर आधारित नवाचारी PBL मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम पदाधिकारी निशांत गुंजन, डायट प्राचार्य नीरज कुमार, कार्यक्रम समन्वयक व्याख्याता डॉ. अमरनाथ सिंह, डॉ. मणिराज पांडेय, डॉ. इंद्रजीत सिंह एवं जिला शिक्षा समन्वयक कृष्णा कुमार राम द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। उद्घाटन के अवसर पर मंचासीन अतिथियों ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
अनुभव आधारित शिक्षा पर दिया गया जोर
अपने संबोधन में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी निशांत गुंजन ने कहा कि जब तक शिक्षा समझ और अनुभव पर आधारित नहीं होगी, तब तक विद्यार्थी विषय की अवधारणाओं को सही रूप में नहीं समझ पाएंगे। उन्होंने PBL जैसे शिक्षण तरीकों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।
डायट प्राचार्य नीरज कुमार ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक मेले विद्यालय, प्रखंड एवं जिला स्तर पर नियमित रूप से आयोजित होने चाहिए, ताकि बच्चे मॉडल के माध्यम से अपनी समझ को स्पष्ट कर सकें, एक-दूसरे से सीख सकें और सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक ज्ञान में परिवर्तित कर सकें।
प्रोजेक्ट मेथड से ही संभव है प्रभावी अधिगम
जिला तकनीकी सदस्य गज़ाला फातिमा ने कहा कि विज्ञान और गणित विषयों की प्रभावी समझ व्यावहारिक शिक्षण, खोज विधि एवं प्रोजेक्ट मेथड से ही संभव है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि बच्चों को इन विधियों के माध्यम से सीखने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाए।
दैनिक जीवन से जुड़े आकर्षक मॉडल
PBL मेले में विभिन्न प्रखंडों से आए विद्यार्थियों ने दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर आधारित आकर्षक और उपयोगी मॉडल प्रस्तुत किए। सभी प्रतिभागी अत्यंत उत्साहित नजर आए और सहयोगात्मक सीख, रचनात्मकता तथा अवधारणात्मक समझ का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया।
जूरी टीम ने किया मूल्यांकन
मेले में प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन जूरी टीम द्वारा किया गया, जिसमें जिला तकनीकी सदस्य अनुराग मिश्रा, सरोज कुमार, मनोहर अख्तर एवं हिमांशु कुमार शामिल रहे। कुल मिलाकर यह PBL मेला विद्यार्थियों में नवाचार, आत्मविश्वास और सीखने की रुचि को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।
