सामाजिक विज्ञान की पाठ्य-पुस्तक एवं पाठ्यचर्या सामग्री निर्माण में निभाएंगे अहम भूमिका
पटना। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली द्वारा संचालित प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम “डेवलपिंग स्कूल सोशल साइंस टेक्स्टबुक एंड अदर करिकुलर मटेरियल” के लिए पूरे बिहार से केवल छह शिक्षकों का चयन किया गया है। यह चयन राज्य के शैक्षणिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। सीमित सीटों वाले इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में चयनित होना न केवल व्यक्तिगत योग्यता का प्रमाण है, बल्कि यह बिहार की शैक्षणिक गुणवत्ता और शिक्षकों की क्षमता को भी राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करता है।
इस चयन प्रक्रिया में बिहार के विभिन्न जिलों से शिक्षकों को अवसर मिला है। पटना जिले से दीपाली कुमारी, शिक्षिका, उच्च माध्यमिक विद्यालय, तारानगर बिहटा का चयन हुआ है। सीतामढ़ी जिले से दो शिक्षिकाओं का चयन किया गया है, जिनमें अंजू कुमारी, शिक्षिका, मध्य विद्यालय गंगवारा, रूनीसैदपुर तथा शमा प्रवीण, शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय, कोईरी टोला धनुषी शामिल हैं। मुजफ्फरपुर जिले से संगीता कुमारी, शिक्षिका, मध्य विद्यालय रामपुर पचासी पुम्परी एवं ज्योति कुमारी, शिक्षिका, मध्य विद्यालय कुशी हरपुर रमणी, कांटी का चयन हुआ है। वहीं मधुबनी जिले से अबु अयान रहमत, शिक्षक, मध्य विद्यालय राढ़, कलुआही को इस प्रतिष्ठित प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।
एनसीईआरटी द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल 21 दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रतिभागियों को सामाजिक विज्ञान विषय की स्कूली पाठ्य-पुस्तकों के लेखन, पाठ्यचर्या से संबंधित अन्य शैक्षणिक सामग्री के विकास तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप शैक्षणिक दृष्टिकोण को व्यवहार में लागू करने का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर सामाजिक विज्ञान शिक्षण को अधिक रोचक, समावेशी और समसामयिक बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों को विषय-वस्तु चयन, भाषा शैली, चित्रों और गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की समझ विकसित करने, स्थानीय संदर्भों को पाठ्य-पुस्तकों में शामिल करने तथा आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देने जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों से अवगत कराया जाएगा। इससे भविष्य में तैयार होने वाली पाठ्य-पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी और प्रभावी सिद्ध होंगी।
शैक्षणिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बिहार के शिक्षकों की भागीदारी राज्य के शिक्षा तंत्र को नई दिशा देने में सहायक होगी। चयनित शिक्षक प्रशिक्षण के बाद अपने-अपने विद्यालयों और जिलों में प्राप्त अनुभवों को साझा करेंगे, जिससे व्यापक स्तर पर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
कुल मिलाकर, एनसीईआरटी के इस राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के छह शिक्षकों का चयन न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि बिहार के शिक्षक शैक्षिक नवाचार और राष्ट्रीय शैक्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।