डुमरांव। जिला पदाधिकारी बक्सर साहिला के द्वारा निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालय डुमरांव के कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने परियोजना प्रबंधक, बीएमएसआईसीएल (BMSICL) को निर्देशित किया कि सभी भवनों में त्वरित गति से निर्माण कार्य कराते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालय आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित होगा और क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं—
भूकम्प प्रतिरोधी प्रणाली के साथ 500 शैय्या वाला अस्पताल ब्लॉक, जिसमें लीड रबर बियरिंग युक्त बेस आइसोलेशन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
अस्पताल ब्लॉक में 11 अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था।
इमरजेंसी, ब्लड बैंक, आईसीयू, एनआईसीयू एवं पीआईसीयू जैसी महत्वपूर्ण इकाइयां उपलब्ध होंगी।
मेडिकल कॉलेज में प्रति वर्ष 100 विद्यार्थियों के प्रवेश की क्षमता।
छात्र-छात्राओं, नर्सों एवं प्रशिक्षुओं के लिए पृथक छात्रावास ब्लॉक।
संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन।
मरीजों के परिजनों के रात्रि विश्राम हेतु 60 शैय्या क्षमता वाला धर्मशाला भवन।
परिसर आवश्यक सेवाओं में आत्मनिर्भर होगा, जिसमें ऑन-साइट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल उपचार संयंत्र, भूमिगत जल टैंक एवं विद्युत सबस्टेशन की व्यवस्था शामिल है। जिला पदाधिकारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के पूर्ण होने से न सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा का बेहतर अवसर भी प्राप्त होगा।
