पूर्णिया। विद्यालयों में अवकाश का समय आमतौर पर बच्चों के लिए आराम और मनोरंजन का होता है, लेकिन प्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा कस्बा, पूर्णिया की प्रधानाध्यापिका ज्योति कुमारी ने इस अवधि को भी सीख का अवसर बना दिया। छुट्टियों के दौरान उन्होंने बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास का नियमित आयोजन कर यह साबित कर दिया कि यदि शिक्षक में लगन और नवाचार हो, तो शिक्षा किसी भी परिस्थिति में रुकती नहीं।
डिजिटल माध्यम से निरंतर शिक्षा
छुट्टियों के दौरान आयोजित इन ऑनलाइन कक्षाओं में बच्चों को हिंदी, गणित, पर्यावरण अध्ययन सहित नैतिक शिक्षा से जुड़े विषयों को सरल और रोचक तरीके से पढ़ाया गया। मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से जुड़ी इन कक्षाओं में बच्चों की नियमित उपस्थिति देखी गई। खास बात यह रही कि कक्षाएं केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि प्रश्नोत्तर, गतिविधि आधारित सीख और संवाद पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
अभिभावकों की भी रही सहभागिता
ऑनलाइन कक्षाओं की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि कुछ अभिभावक भी बच्चों के साथ कक्षा से जुड़ते नजर आए। कई अभिभावक रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं, लेकिन ऑनलाइन माध्यम से वे अपने बच्चों की पढ़ाई को प्रत्यक्ष देख सके। इससे न केवल बच्चों का मनोबल बढ़ा, बल्कि अभिभावकों में भी विद्यालय और शिक्षक के प्रति विश्वास और जुड़ाव मजबूत हुआ।
शिक्षा के प्रति समर्पण का उदाहरण
प्रधानाध्यापिका ज्योति कुमारी ने बताया कि छुट्टियों में ऑनलाइन क्लास शुरू करने का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखना और उन्हें मोबाइल का सकारात्मक उपयोग सिखाना था। उन्होंने कहा कि “यदि बच्चों को सही मार्गदर्शन दिया जाए तो डिजिटल माध्यम शिक्षा का सशक्त साधन बन सकता है।”
राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित
गौरतलब है कि ज्योति कुमारी को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य, नवाचार और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जा चुका है। यह ऑनलाइन क्लास की पहल उनके उसी समर्पण और दूरदर्शिता का परिणाम मानी जा रही है, जिसके लिए वे राज्य स्तर पर पहचानी जाती हैं।
अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणा
छुट्टियों में ऑनलाइन क्लास का यह प्रयास न केवल विद्यार्थियों के लिए लाभकारी साबित हुआ, बल्कि अन्य शिक्षकों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत बना है। यह पहल दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि शिक्षक चाहें, तो शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।