शिक्षा, साहित्य और महिला सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान के लिए किया गया सम्मानित
मधुबनी (बिहार)। जिले की प्रख्यात शिक्षिका संगीता कुमारी को शिक्षा, साहित्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं सतत योगदान के लिए मगध गौरव सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें 14 दिसंबर 2025 को आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
अश्विनी कुमार चौबे के हाथों मिला सम्मान
सम्मान समारोह में देश के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने संगीता कुमारी को सम्मान पत्र और प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने संगीता कुमारी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षक समाज की वास्तविक धरोहर होते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य
एक समर्पित शिक्षिका के रूप में संगीता कुमारी ने शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे जीवन निर्माण का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास किया। ग्रामीण एवं पिछड़े वर्ग के बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही है।
साहित्य के माध्यम से सामाजिक जागरूकता
शिक्षण के साथ-साथ संगीता कुमारी साहित्य के क्षेत्र में भी सक्रिय रही हैं। उनके लेखन में नारी सशक्तिकरण, सामाजिक कुरीतियों, शिक्षा का महत्व और मानवीय मूल्यों की स्पष्ट झलक मिलती है। वे साहित्य को समाज सुधार का प्रभावी माध्यम मानती हैं और युवाओं को लेखन व पठन-पाठन के लिए प्रेरित करती रही हैं।
महिला सशक्तिकरण की सशक्त आवाज
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में संगीता कुमारी का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए निरंतर कार्य किया। उनके प्रयासों से अनेक महिलाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुई हैं।
मगध गौरव सम्मान 2025 : समर्पण का सम्मान
मगध गौरव सम्मान 2025 संगीता कुमारी के वर्षों के समर्पण, संघर्ष और समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। समारोह में उपस्थित शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य व्यक्तियों ने उनके योगदान की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
समाज के लिए प्रेरणास्रोत
संगीता कुमारी आज न केवल एक सफल शिक्षिका हैं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प, निष्ठा और सेवा भावना से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
मगध गौरव सम्मान 2025 उनके कार्यों का सम्मान होने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरक उदाहरण भी है।