एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम में पूजा बोस और अविनाश कुमार को मिला “निपुण शिक्षक प्रशस्ति पत्र”
पूर्णिया/पटना। मिशन निपुण बिहार के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय निपुण शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम एवं निपुण शिक्षक सम्मान समारोह में पूर्णिया जिले के दो शिक्षकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया। बिहार के सभी 38 जिलों से दो-दो शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया में पूर्णिया जिले से प्राथमिक विद्यालय जनकबाग कुल्लाखास, कस्बा की शिक्षिका पूजा बोस तथा कन्या मध्य विद्यालय कजरा के शिक्षक अविनाश कुमार को “निपुण शिक्षक” के रूप में चयनित किया गया।
पटना सचिवालय में हुआ सम्मान कार्यक्रम
दिनांक 22 नवंबर 2025 एवं 29 नवम्बर 2025 को पटना सचिवालय में आयोजित विशेष क्षमतावर्धन कार्यशाला के अवसर पर दोनों चयनित शिक्षकों को “निपुण शिक्षक प्रशस्ति पत्र” देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के प्राथमिक शिक्षा निदेशक श्रीमती साहिला मैम तथा अन्य वरीय पदाधिकारियों के कर-कमलों से प्रदान किया गया।
यह कार्यशाला मिशन निपुण बिहार के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें राज्य स्तर पर चयनित सभी शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
निपुण मासिक कैलेंडर का भी हुआ प्रदर्शन
कार्यशाला के दौरान मिशन निपुण बिहार के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु तैयार किए गए निपुण मासिक कैलेंडर का भी प्रदर्शन किया गया। इस कैलेंडर के माध्यम से कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चों के लिए आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता को मजबूत करने की रणनीति तय की गई है।
चयनित निपुण शिक्षक अब अपने-अपने जिलों में रोल मॉडल के रूप में कार्य करेंगे। वे जिले के सभी प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में कक्षा 1 से 3 तक के नामित शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।
शिक्षकों ने जताया गौरव और जिम्मेदारी का भाव
सम्मान प्राप्त करने के बाद शिक्षिका पूजा बोस एवं शिक्षक अविनाश कुमार ने संयुक्त रूप से कहा— पूर्णिया जिले से मेरा चयन निपुण शिक्षक के रूप में होना मेरे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। यह सम्मान सिर्फ मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि मेरे विद्यालय और पूरे जिले के लिए सम्मान की बात है। इसके साथ ही हमें जिले के प्रत्येक विद्यालय के प्रति बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, जिसे हम पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे।”
विशेषज्ञों का मिला मार्गदर्शन
इस कार्यशाला में मृदुला कुमारी (Central Square Foundation) का भी विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, बाल केंद्रित शिक्षण प्रक्रिया और मूल्यांकन प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
बिहार में शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम
पूरे बिहार में मिशन निपुण बिहार के तहत की जा रही यह पहल आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रभावशाली कदम मानी जा रही है। इससे सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में बड़े स्तर पर सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को पूर्ण विश्वास है कि— बहुत जल्द ही हमारा बिहार निपुण बनेगा।” पूर्णिया के दोनों शिक्षकों को मिले इस सम्मान से जिले में खुशी की लहर है और अन्य शिक्षकों को भी प्रेरणा मिली है कि वे और अधिक मेहनत के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें।