भागलपुर। राजकीय मध्य विद्यालय नाथनगर-01 में शनिवार को सुरक्षित शनिवार कार्यक्रम के तहत बाल विवाह के दुष्परिणामों पर केंद्रित एक प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की शिक्षिका अमृता कुमारी ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल विवाह के सामाजिक, मानसिक और शैक्षणिक दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए इसके विरुद्ध जागरूक करना था।
बच्चों ने प्रस्तुत किया सशक्त संदेश
विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत नाटक में दिखाया गया कि किस प्रकार कम उम्र में विवाह न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि उनके भविष्य के अवसरों को भी सीमित कर देता है। नाटक में पात्रों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह एक कानूनी अपराध है और समाज की प्रगति में बड़ी बाधा भी। बच्चों ने यह भी बताया कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाती है और गलत सामाजिक प्रथाओं से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है।
अतिथियों ने सराहा पहल
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अंजू कुमारी सहित जगदंबा कुमारी, राजा कुमार, चंद्रभूषण कुमार, टोला सेवक रंजन भारती एवं अन्य शिक्षकों की उपस्थिति रही। उपस्थित अतिथियों ने बच्चों के प्रभावी मंचन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम हैं। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि बाल विवाह को रोकने के लिए विद्यालय, अभिभावक एवं समाज सभी को मिलकर कदम उठाने होंगे।
जागरूकता ही है समाधान
कार्यक्रम का संचालन कर रहीं शिक्षिका अमृता कुमारी ने बताया कि सुरक्षित शनिवार के तहत विद्यालय समय-समय पर सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसे कुप्रथाओं को जड़ से खत्म करने के लिए बच्चों को शुरू से ही सही जानकारी और दिशा देने की आवश्यकता है।
समाज को दी गई अपील
नाटक के अंत में बच्चों ने एक स्वर में अपील की कि सभी लोग बाल विवाह का विरोध करें और ऐसे मामलों की सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। विद्यालय प्रशासन ने इस श्रृंखला को आगे भी जारी रखने और अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की।
इस आयोजन से विद्यालय परिसर में जागरूकता का सकारात्मक माहौल बना और बच्चों ने समाज परिवर्तन का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया।

