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नुआंव गांव के दो अतिकुपोषित बच्चियों को NRC में कराया गया भर्ती, देखभाल में रहेगी मां

डुमरांव. प्रखंड अंतर्गत नुआंव पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 50 पर दो बच्चे अतिकुपोषित मिले हैं, जिन्हें गुरुवार को बक्सर...

डुमरांव. प्रखंड अंतर्गत नुआंव पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 50 पर दो बच्चे अतिकुपोषित मिले हैं, जिन्हें गुरुवार को बक्सर सदर स्थित एनआरसी में महिला पर्यवेक्षिका प्रतिभा यादव व केंद्र की सेविका उर्मिला कुमारी की उपस्थिति में भर्ती कराया गया. दोनों बच्चे पोषक क्षेत्र निवासी नगेन्द्र यादव के पुत्री रीता साढ़े चार साल व राजनंदनी ढाई वर्ष को एनआरसी में भर्ती कराया गया. बच्ची के माता का नाम बिंदु देवी है.

अतिकुपोषित बच्चों को 14 से 21 दिनों तक रखने का प्रावधान है. कुपोषित बच्चों व मां को आवासीय सुविधा प्रदान किया जाता है. पौष्टिक आहार की व्यवस्था है. जब बच्चे के वजन में बढ़ोतरी होने लगता है तो, उसे 21 दिन के पूर्व ही छोड़ दिया जाता है.

आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका व आशा कार्यकर्ताओं द्वारा सर्व करके कुपोषित बच्चों की पहचान की जाती है और बच्चों को बेहतर उपचार के लिए एनआरसी लाती हैं. इसके लिए आशा एवं सेविकाओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि वह गांव-गांव में घूमकर कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें एनआरसी में भर्ती करवा सकें.

सीडीपीओ नीरू बाला ने बताया कि एनआरसी में बच्चों को पौष्टिक आहार में खिचड़ी, दलिया, सेव, चुकंदर, अंडा दिया जाता है. जांच के बाद कुपोषित की पहचान की जाती है. सर्वप्रथम बच्चे का हाइट के अनुसार वजन देखा जाता है. दूसरे स्तर पर एमयूएसी जांच में बच्चे के बाजू का माप 11.5 से कम होना तथा बच्चे का इडिमा से ग्रसित होना शामिल है. तीनों स्तरों पर जांच के बाद भर्ती किया जाता है.

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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