“भाषाएँ अनेक, भाव एक” की भावना के साथ विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक विरासत
मधुबनी। भारतीय भाषा उत्सव–2025 के अंतर्गत मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय मलमल में 8 दिसंबर से 11 दिसंबर तक भारतीय भाषा उत्सव का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार एवं संगीता के नेतृत्व में किया गया। यह आयोजन महाकवि सुब्रमण्य भारती की जयंती के अवसर पर “भाषाएँ अनेक, भाव एक” की सुंदर भावना को समर्पित रहा।
उत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने भाषा-मॉडल, संदेश-पोस्टर एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की विविध भाषाओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इसके साथ ही भाषा-वृक्ष और भाषाई विरासत वॉल जैसी गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने विभिन्न भारतीय भाषाओं के शब्द, कहावतें, पंक्तियाँ और सांस्कृतिक प्रतीकों को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया।
इन सभी अभिव्यक्तियों ने विद्यार्थियों में भाषाई विविधता के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक जुड़ाव और राष्ट्रीय एकता की भावना को और अधिक सशक्त किया। बच्चों की सक्रिय सहभागिता ने यह संदेश दिया कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और संस्कार का आधार है।
दूसरे दिन कविता और संगीत के माध्यम से भाषाओं का उत्सव :
भारतीय भाषा उत्सव के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने कविता और संगीत के माध्यम से भारतीय भाषाओं की विविधता को अनुभव किया। छात्रों ने अलग-अलग भारतीय भाषाओं की कविताओं का अनुवाद कर उनका सशक्त पाठ किया, जिससे भाव, लय और अर्थ की नई समझ विकसित हुई।
साथ ही बहुभाषीय समूह-गान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रत्येक पद अलग-अलग भारतीय भाषा में गाया गया। इस प्रस्तुति ने “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” की भावना को प्रभावी रूप से दर्शाया और समरसता का संदेश दिया।
यह आयोजन विद्यार्थियों में भाषा के प्रति सम्मान, अभिव्यक्ति का आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करने वाला एक प्रेरक अनुभव साबित हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ममता कुमारी, शिशु कुमारी, सुनीता यादव, जेबा तस्लीम, रिजवान आलम, मुकेश कुमार, मदन यादव, प्रदीप कुमार, अंजली कुमारी, अशोक अर्जुन एवं हिफजुलरहमान सहित सभी शिक्षकों का सराहनीय योगदान रहा।