ऐमध्य विद्यालय मलमल में “निपुण बिहार” कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता मिशन को सफल बनाने के उद्देश्य से अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का नेतृत्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार और शिक्षिका संगीता कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाना तथा उनके बुनियादी साक्षरता कौशल को मजबूत बनाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रांगण में बच्चों और अभिभावकों के स्वागत से हुई। प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा में अभिभावक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “निपुण बिहार” अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणित में निपुण बनाना है। इसके लिए अभिभावकों का सहयोग और नियमित निगरानी अनिवार्य है।
संगोष्ठी में शिक्षिका संगीता कुमारी ने बच्चों की सीखने की क्षमता और उनके वर्तमान शैक्षिक स्तर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय ने बच्चों की पढ़ाई में सुधार के लिए विशेष पाठ्यक्रम और अभ्यास सत्र शुरू किए हैं। इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों को सुझाव दिए कि वे घर पर भी बच्चों के पढ़ाई में सक्रिय भूमिका निभाएं और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन दें।
कार्यक्रम में अभिभावकों और शिक्षकों के बीच संवाद भी हुआ। अभिभावकों ने बच्चों की पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों, विशेष रूप से हिंदी और गणित विषयों में, अपने अनुभव साझा किए। शिक्षकों ने इन समस्याओं के समाधान के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए। उन्होंने बच्चों के रोज़मर्रा के अध्ययन में सरल और प्रभावी अभ्यास अपनाने की सलाह दी, जिससे बच्चों की समझ और याददाश्त बेहतर हो सके।
प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार ने इस अवसर पर कहा कि विद्यालय में “निपुण बिहार” अभियान के तहत नियमित मूल्यांकन किया जा रहा है। बच्चों की प्रगति को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत सुधार योजना बनाई जाती है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर विद्यालय भेजें और उनके स्कूल प्रोजेक्ट और गृहकार्य की निगरानी करें।
संगोष्ठी में बच्चों के प्रदर्शन और उनकी उपलब्धियों को भी साझा किया गया। इससे अभिभावकों को यह समझने में मदद मिली कि बच्चों की प्रगति को मापने के लिए नियमित मूल्यांकन और प्रोत्साहन कितना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई में सक्रिय सहयोग देने के आग्रह के साथ हुआ।
इस संगोष्ठी ने न केवल अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित किया, बल्कि बच्चों की बुनियादी साक्षरता को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास की दिशा भी स्पष्ट की। विद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इस प्रकार की संगोष्ठियाँ समय-समय पर आयोजित होती रहेंगी, ताकि हर बच्चा विद्यालय की शिक्षा में पूर्ण रूप से निपुण बन सके।