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शिक्षा और संस्कृति का संगम : खेल की घंटी में बच्चों ने जाना जम्मू–कश्मीर की विविधता

तेतरिया (पूर्वी चंपारण)। राजकीय मध्य विद्यालय तेतरिया में बुधवार को “खेल की घंटी” कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की जिज्ञासा, रचनात्मकता...

तेतरिया (पूर्वी चंपारण)। राजकीय मध्य विद्यालय तेतरिया में बुधवार को “खेल की घंटी” कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की जिज्ञासा, रचनात्मकता और ज्ञान के संगम का एक प्रेरणादायक आयोजन हुआ। इस विशेष सत्र का उद्देश्य था— शिक्षा के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता को समझना और बच्चों में राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करना।

कार्यक्रम की शुरुआत बेहद रोचक ढंग से हुई जब कुछ विद्यार्थियों ने उत्सुकता से पूछा, “सर, आज जम्मू-कश्मीर के बारे में कुछ बताइए।” इस प्रश्न ने विद्यालय के वातावरण को सीखने की उमंग से भर दिया। शिक्षक अब्दुल कलाम ने बच्चों के इस जिज्ञासापूर्ण प्रश्न का उत्तर देते हुए बड़ी सरलता और रोचकता से जम्मू-कश्मीर की सामाजिक, भौगोलिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को वहां के खान-पान, पहनावे, भाषा, त्योहारों और पारंपरिक जीवनशैली के बारे में बताया। इस चर्चा में बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और कई रोचक प्रश्न पूछे।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा, विचारशीलता और सृजनात्मकता का विकास करना है। उन्होंने कहा, “शिक्षा तभी सार्थक है जब उसमें रचनात्मकता और जिज्ञासा का मेल हो। इस तरह के कार्यक्रम बच्चों में अध्ययन के प्रति रुचि और राष्ट्रीय एकता की भावना दोनों को सशक्त बनाते हैं।”

कार्यक्रम के दौरान शिक्षिकाएँ किरण कुमारी, निधि कुमारी, भावना कुमारी, मलके तरन्नुम, प्रमिला कुमारी, नीलम कुमारी, अंजली कुमारी और शिक्षक सरवर हुसैन, रत्नेश कुमार तथा रवि भूषण ने भी जम्मू-कश्मीर की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि पर अपने विचार साझा किए। सभी शिक्षकों ने मिलकर बच्चों को यह संदेश दिया कि भारत की असली पहचान उसकी “विविधता में एकता” है।

विद्यालय की ‘पांडव टीम’ ने कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया जब एक छात्रा ने पारंपरिक कश्मीरी परिधान पहनकर मंच पर प्रस्तुति दी। बच्चों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उसका उत्साह बढ़ाया। पूरे विद्यालय परिसर में एकता, आनंद और ज्ञान का वातावरण बन गया।

अंत में बच्चों ने यह संकल्प लिया कि वे शिक्षा, एकता और संस्कृति के संदेश को आगे बढ़ाएंगे और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने बच्चों की भागीदारी की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर सीखने और जिज्ञासु बने रहने का प्रेरणादायक संदेश दिया।

🌸 “सभी समस्याओं का हल, शिक्षा देगा बेहतर कल।” 🌸

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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