BREAKING NEWS
डुमरांव में गूंजा शहनाई का स्वर, भव्य आयोजन में सजी ‘उस्ताद बिस्मिल्ला खां महोत्सव’ की शामएमएस कच्ची खैरा तलवाड़ा में परिणाम घोषणा और मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजितकृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में शिक्षा पर राष्ट्रीय सेमिनार, नवाचारी शिक्षिका प्रियंका कुमारी व शिक्षक अभिषेक वर्मा सम्मानितडायट डुमरा में “नैतिक विवेक की शक्ति के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजितप्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा कस्बा में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को मोमेंटो व मैडल देकर किया गया सम्मानितसमाहरणालय में जिला समन्वय समिति की बैठक, रामनवमी व महावीरी पूजा पर डीजे पूरी तरह प्रतिबंधितगार्गी नारी शक्ति सम्मेलन 2026 में प्रधान शिक्षिका कुमारी प्रीतिका होंगी सम्मानितनवोन्मेषी बच्चों ने जुगाड़ से बनाई उपयोगी सामग्री, ईको क्लब गतिविधि के तहत पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशपीबीएल गतिविधि हेतु जिला टीम रवाना, छात्र-छात्राओं में उत्साहकस्बा (पूर्णिया) में अनोखी पहल : प्राथमिक विद्यालय राधानगर में शुरू हुआ “साबुन बैंक”कैम्ब्रिज स्कूल के छात्र-छात्राओं ने किया शैक्षणिक परिभ्रमणजलवायु परिवर्तन, जल एवं भूमि संरक्षण तथा पेड़–पौधों की सुरक्षा पर बच्चों को किया गया जागरूककेदार मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ विधायक राधा चरण सेठ ने फीता काटकर किया शिविर का उद्घाटन, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने अस्पताल का किया लोकार्पणडुमरांव में फाउंडेशन स्कूल का वार्षिक खेल महोत्सव “उड़ान” शुरू, दीप प्रज्वलन के साथ हुआ भव्य उद्घाटनवंचित बेटियों में जगी शिक्षा की नई रोशनी, प्रधान शिक्षिका के प्रयास से क्षेत्र की बच्चियों में फिर जागी पढ़ने की ललक
No menu items available
BREAKING
डुमरांव में गूंजा शहनाई का स्वर, भव्य आयोजन में सजी ‘उस्ताद बिस्मिल्ला खां महोत्सव’ की शामएमएस कच्ची खैरा तलवाड़ा में परिणाम घोषणा और मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजितकृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में शिक्षा पर राष्ट्रीय सेमिनार, नवाचारी शिक्षिका प्रियंका कुमारी व शिक्षक अभिषेक वर्मा सम्मानितडायट डुमरा में “नैतिक विवेक की शक्ति के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजितप्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा कस्बा में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को मोमेंटो व मैडल देकर किया गया सम्मानितसमाहरणालय में जिला समन्वय समिति की बैठक, रामनवमी व महावीरी पूजा पर डीजे पूरी तरह प्रतिबंधितगार्गी नारी शक्ति सम्मेलन 2026 में प्रधान शिक्षिका कुमारी प्रीतिका होंगी सम्मानितनवोन्मेषी बच्चों ने जुगाड़ से बनाई उपयोगी सामग्री, ईको क्लब गतिविधि के तहत पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशपीबीएल गतिविधि हेतु जिला टीम रवाना, छात्र-छात्राओं में उत्साहकस्बा (पूर्णिया) में अनोखी पहल : प्राथमिक विद्यालय राधानगर में शुरू हुआ “साबुन बैंक”कैम्ब्रिज स्कूल के छात्र-छात्राओं ने किया शैक्षणिक परिभ्रमणजलवायु परिवर्तन, जल एवं भूमि संरक्षण तथा पेड़–पौधों की सुरक्षा पर बच्चों को किया गया जागरूक

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

डुमरांव में गूंजा शहनाई का स्वर, भव्य आयोजन में सजी ‘उस्ताद बिस्मिल्ला खां महोत्सव’ की शाम
21 hours ago
एमएस कच्ची खैरा तलवाड़ा में परिणाम घोषणा और मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित
6 days ago
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में शिक्षा पर राष्ट्रीय सेमिनार, नवाचारी शिक्षिका प्रियंका कुमारी व शिक्षक अभिषेक वर्मा सम्मानित
1 week ago
डायट डुमरा में “नैतिक विवेक की शक्ति के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग” विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित
1 week ago
प्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा कस्बा में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को मोमेंटो व मैडल देकर किया गया सम्मानित
2 weeks ago
Advertisement

अस्पतालों में बुखार एवं खासी से ग्रसित मरीजों की होगी माइक्रो फाइलेरिया की जांच

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होगा समुचित उपचार 8:30 से 12 के बीच में...

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होगा समुचित उपचार

8:30 से 12 के बीच में ही लिया जाएगा मरीजों के खून का सैंपल

आरा, 19 दिसंबर | सरकार ने वर्ष 2027 तक फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसको लेकर भोजपुर जिला समेत पूरे राज्य में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के अलावा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ताकि, समय पर इस गंभीर बीमारी से बिहार को मुक्त किया जा सके। हाल ही में पूरे जिले में नाइट ब्लड सर्वे और सर्वजन दवा सेवन के चक्र चलाए गए थे।

लेकिन, स्वास्थ्य विभाग अब फाइलेरिया अभियान को और गति देने के उद्देश्य से नई रणनीति तय की है। जिसके तहत माइक्रो फाइलेरिया की जांच को और व्यापक स्तर पर किया जाना है। अब सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में आने वाले बुखार और खांसी से ग्रसित मरीजों की भी जांच की जायेगी। साथ ही, उन्हें स्थानीय स्तर पर समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि, जल्द से जल्द जिले को माइक्रो फाइलेरिया से मुक्त कराया जा सके।

मरीजों के खून का लिया जायेगा नमूना

सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था उन सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होगी जहां पर अंतरवासीय चिकित्सा उपलब्ध है। राज्य स्वास्थ्य समिति से प्राप्त निर्देशों के तहत इन अस्पतालों में बुखार एवं खासी के कारण भर्ती होने वाले मरीजों को चिह्नित करते हुए रात 8:30 से 12 के बीच में रक्त का नमूना लिया जायेगा।

जिसके बाद उसकी फाइलेरिया की जांच की जायेगी और जांच में घनात्मक पाये जाने वाले व्यक्तियों को 12 दिवसीय डीईसी दवा का सम्पूर्ण कोर्स (6 एमजी/ केजी वजन/दिन में तीन विभाजित खुराकों में) तत्काल प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग के इस निर्णय से समाज में फाइलेरिया का संक्रमण एवं संचार कम होगा व भविष्य में लिम्फेडिमा और हाइड्रोसील के नए रोगी भी उत्पन्न नहीं होंगे।

रात में ही एक्टिव रहते हैं माइक्रो फाइलेरिया

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह डीएमओ डॉ. केएन सिन्हा ने बताया कि माइक्रो फाइलेरिया दिन के समय शरीर के लिम्फैटिक सिस्टम में रहते है और रात में ही एक्टिव रहते हैं और रक्त वाहनियों में भ्रमण करते हैं। इसलिए विभाग के गाइड लाइंस के तहत रात में ही मरीजों के खून का नमूना लिया जाता है। ताकि, उनमें माइक्रो फाइलेरिया का पता लगाया जा सके।

उन्होंने कहा कि फाइलेरिया बीमारी के संचार व संक्रमण को रोकने हेतु रोगी की तुरंत पहचान व दवा का सम्पूर्ण कोर्स प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी प्रखंडों में साथित सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को इसके लिए सूचित किया जायेगा। साथ ही, उनका नियमित रूप से अनुश्रवण किया जायेगा। जिससे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति दिलाई जा सके।

प्रसव के छह सप्ताह बाद

माहवारी शुरू होने के सात दिन के अंदर

गर्भपात होने के तुरंत बाद या सात दिन के अंदर

अंतिम इंजेक्शन के 4 महीने बाद गर्भधारण संभव :

अंतरा के इंजेक्शन को महिलाएं अपने माहवारी के दिनों में 1 से 7 दिन के बीच में इस इंजेक्शन को लगवा सकती हैं। अगर महिलाएं गर्भवती होना चाहती है तो अंतिम इंजेक्शन के 4 महीने बाद गर्भधारण संभव होता है।

इस इंजेक्शन से महिला को किसी प्रकार का नुकसान या दर्द अनुभव नहीं होता है और इसकी खास बात यह है कि बच्चा होने के बाद (डिलीवरी के बाद) अगर महिला दोबारा जल्दी गर्भवती नहीं होना चाहती तो डिलीवरी के (प्रसव के) डेढ़ महीने बाद (6 हफ्ते बाद) यह इंजेक्शन लगवा सकती हैं।

माहवारी के ऐंठन को कम करता है

डीसीएम हिमांशु सिंह ने बताया कि अंतरा की सुई तीन महीने में सिर्फ एक बार लेने की अवश्यकता होती है। जो महिलाएं गोली नहीं खा सकतीं। बंद करने के पश्चात गर्भधारण में कोई समस्या नहीं होती। माहवारी के ऐंठन को कम करता है। यह सुई पूरी तरह से सुरक्षित है। पहले से चल रही किसी भी दवा के साथ इसे लिया जा सकता है। साथ ही, यह गर्भाशय व अंडाशय के कैंसर से बचाता है। इसके अलावा अंतरा की सुई लगवाने पर लाभुक और प्रेरक को 100-100 रुपए प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top