BREAKING NEWS
बीपीएससी में 15वीं रैंक लाकर मधुबाला बनीं आरडीओ, विद्यालय में हुआ सम्मान समारोहडीएम साहिला ने की समीक्षा बैठक, अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरणडायट डुमरा में ई-शिक्षा डिजिटल पत्रिका का भव्य वार्षिकोत्सवअजय ने बढ़ाया जिले का मान, राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचमडुमरांव की बेटी तनिषा ने बढ़ाया जिले का मान, पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी भटींडा चंडीगढ़ में गोल्ड मेडल से हुई सम्मानितरामरेखा घाट पर प्रभु श्रीराम की भव्य मूर्ति स्थापित होगी : मुख्यमंत्रीभीषण गर्मी में जल संरक्षण का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रहे ‘जल पुत्र’ अजय रायVoice & Vision Academy Opens Admissions for NIOS Grade X & XIIगुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव पर डॉ. संजीव कुमार को मिला “अनसंग हीरोज अवार्ड 2026”सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में कैम्ब्रिज स्कूल का शानदार प्रदर्शनकुरूद में गूंजा प्रकृति संरक्षण का स्वर, सीड बॉल निर्माण कार्यशाला में जुटे प्रकृति शिक्षण और विज्ञान यात्रा के संचारकघर-घर पहुंच रही शिक्षा : शिक्षिका सुषमा कुमारी का अनोखा प्रयासप्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा के पोषक क्षेत्र भ्रमण में बच्चों को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारीडुमरांव में बसंत न्यूरोकेयर क्लिनिक का शुभारंभ, अब मिलेगी आधुनिक न्यूरोलॉजी सेवाएंNMMSS में सफल विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई, शिक्षकों को भी मिला सम्मान
No menu items available
BREAKING
बीपीएससी में 15वीं रैंक लाकर मधुबाला बनीं आरडीओ, विद्यालय में हुआ सम्मान समारोहडीएम साहिला ने की समीक्षा बैठक, अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरणडायट डुमरा में ई-शिक्षा डिजिटल पत्रिका का भव्य वार्षिकोत्सवअजय ने बढ़ाया जिले का मान, राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचमडुमरांव की बेटी तनिषा ने बढ़ाया जिले का मान, पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी भटींडा चंडीगढ़ में गोल्ड मेडल से हुई सम्मानितरामरेखा घाट पर प्रभु श्रीराम की भव्य मूर्ति स्थापित होगी : मुख्यमंत्रीभीषण गर्मी में जल संरक्षण का संदेश लेकर गांव-गांव पहुंच रहे ‘जल पुत्र’ अजय रायVoice & Vision Academy Opens Admissions for NIOS Grade X & XIIगुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव पर डॉ. संजीव कुमार को मिला “अनसंग हीरोज अवार्ड 2026”सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में कैम्ब्रिज स्कूल का शानदार प्रदर्शनकुरूद में गूंजा प्रकृति संरक्षण का स्वर, सीड बॉल निर्माण कार्यशाला में जुटे प्रकृति शिक्षण और विज्ञान यात्रा के संचारकघर-घर पहुंच रही शिक्षा : शिक्षिका सुषमा कुमारी का अनोखा प्रयास

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

बीपीएससी में 15वीं रैंक लाकर मधुबाला बनीं आरडीओ, विद्यालय में हुआ सम्मान समारोह
2 days ago
डीएम साहिला ने की समीक्षा बैठक, अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
4 days ago
डायट डुमरा में ई-शिक्षा डिजिटल पत्रिका का भव्य वार्षिकोत्सव
5 days ago
अजय ने बढ़ाया जिले का मान, राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम
1 week ago
डुमरांव की बेटी तनिषा ने बढ़ाया जिले का मान, पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी भटींडा चंडीगढ़ में गोल्ड मेडल से हुई सम्मानित
1 month ago
Advertisement

अस्पतालों में बुखार एवं खासी से ग्रसित मरीजों की होगी माइक्रो फाइलेरिया की जांच

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होगा समुचित उपचार 8:30 से 12 के बीच में...

राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होगा समुचित उपचार

8:30 से 12 के बीच में ही लिया जाएगा मरीजों के खून का सैंपल

आरा, 19 दिसंबर | सरकार ने वर्ष 2027 तक फाइलेरिया बीमारी के उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। जिसको लेकर भोजपुर जिला समेत पूरे राज्य में सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम के अलावा विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ताकि, समय पर इस गंभीर बीमारी से बिहार को मुक्त किया जा सके। हाल ही में पूरे जिले में नाइट ब्लड सर्वे और सर्वजन दवा सेवन के चक्र चलाए गए थे।

लेकिन, स्वास्थ्य विभाग अब फाइलेरिया अभियान को और गति देने के उद्देश्य से नई रणनीति तय की है। जिसके तहत माइक्रो फाइलेरिया की जांच को और व्यापक स्तर पर किया जाना है। अब सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में आने वाले बुखार और खांसी से ग्रसित मरीजों की भी जांच की जायेगी। साथ ही, उन्हें स्थानीय स्तर पर समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ताकि, जल्द से जल्द जिले को माइक्रो फाइलेरिया से मुक्त कराया जा सके।

मरीजों के खून का लिया जायेगा नमूना

सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था उन सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होगी जहां पर अंतरवासीय चिकित्सा उपलब्ध है। राज्य स्वास्थ्य समिति से प्राप्त निर्देशों के तहत इन अस्पतालों में बुखार एवं खासी के कारण भर्ती होने वाले मरीजों को चिह्नित करते हुए रात 8:30 से 12 के बीच में रक्त का नमूना लिया जायेगा।

जिसके बाद उसकी फाइलेरिया की जांच की जायेगी और जांच में घनात्मक पाये जाने वाले व्यक्तियों को 12 दिवसीय डीईसी दवा का सम्पूर्ण कोर्स (6 एमजी/ केजी वजन/दिन में तीन विभाजित खुराकों में) तत्काल प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग के इस निर्णय से समाज में फाइलेरिया का संक्रमण एवं संचार कम होगा व भविष्य में लिम्फेडिमा और हाइड्रोसील के नए रोगी भी उत्पन्न नहीं होंगे।

रात में ही एक्टिव रहते हैं माइक्रो फाइलेरिया

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह डीएमओ डॉ. केएन सिन्हा ने बताया कि माइक्रो फाइलेरिया दिन के समय शरीर के लिम्फैटिक सिस्टम में रहते है और रात में ही एक्टिव रहते हैं और रक्त वाहनियों में भ्रमण करते हैं। इसलिए विभाग के गाइड लाइंस के तहत रात में ही मरीजों के खून का नमूना लिया जाता है। ताकि, उनमें माइक्रो फाइलेरिया का पता लगाया जा सके।

उन्होंने कहा कि फाइलेरिया बीमारी के संचार व संक्रमण को रोकने हेतु रोगी की तुरंत पहचान व दवा का सम्पूर्ण कोर्स प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी प्रखंडों में साथित सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को इसके लिए सूचित किया जायेगा। साथ ही, उनका नियमित रूप से अनुश्रवण किया जायेगा। जिससे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति दिलाई जा सके।

प्रसव के छह सप्ताह बाद

माहवारी शुरू होने के सात दिन के अंदर

गर्भपात होने के तुरंत बाद या सात दिन के अंदर

अंतिम इंजेक्शन के 4 महीने बाद गर्भधारण संभव :

अंतरा के इंजेक्शन को महिलाएं अपने माहवारी के दिनों में 1 से 7 दिन के बीच में इस इंजेक्शन को लगवा सकती हैं। अगर महिलाएं गर्भवती होना चाहती है तो अंतिम इंजेक्शन के 4 महीने बाद गर्भधारण संभव होता है।

इस इंजेक्शन से महिला को किसी प्रकार का नुकसान या दर्द अनुभव नहीं होता है और इसकी खास बात यह है कि बच्चा होने के बाद (डिलीवरी के बाद) अगर महिला दोबारा जल्दी गर्भवती नहीं होना चाहती तो डिलीवरी के (प्रसव के) डेढ़ महीने बाद (6 हफ्ते बाद) यह इंजेक्शन लगवा सकती हैं।

माहवारी के ऐंठन को कम करता है

डीसीएम हिमांशु सिंह ने बताया कि अंतरा की सुई तीन महीने में सिर्फ एक बार लेने की अवश्यकता होती है। जो महिलाएं गोली नहीं खा सकतीं। बंद करने के पश्चात गर्भधारण में कोई समस्या नहीं होती। माहवारी के ऐंठन को कम करता है। यह सुई पूरी तरह से सुरक्षित है। पहले से चल रही किसी भी दवा के साथ इसे लिया जा सकता है। साथ ही, यह गर्भाशय व अंडाशय के कैंसर से बचाता है। इसके अलावा अंतरा की सुई लगवाने पर लाभुक और प्रेरक को 100-100 रुपए प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top