BREAKING NEWS
डुमरांव में जिला स्तरीय PBL प्रोजेक्ट प्रदर्शनी मेला संपन्न, बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम के तहत छात्रों ने किया नवाचार और वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शडायट सासाराम में PBL आधारित जिला स्तरीय मेले का भव्य आयोजनमध्य विद्यालय आदमपुर में सरस्वती पूजा पूर्व भव्य झांकी, शिक्षा और संस्कार का संदेशडायट में शिक्षकों के प्रशिक्षण को व्यावहारिक बनाने हेतु दो दिवसीय कार्यशाला आयोजितश्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ, प्रथम दिवस संतों की महिमा, भागवत महत्व और गोकर्णोपाख्यान की कथा से भक्तिमय हुआ वातावरणडुमरांव में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभकलश यात्रा से गूंजा नगर, 28 जनवरी तक चलेगा आध्यात्मिक आयोजनटीएलएम मेला 3.0 में अमृता कुमारी का नवाचारी शिक्षण सामग्री प्रदर्शनफोक टीएलएम को देखकर मुख्यमंत्री हुए प्रभावित, बोले – “यह सब तो बहुत अच्छा है, वाह”मध्य विद्यालय कोआही में समाचार पठन की अनूठी पहल, शिक्षिका वीणा कुमारी प्रतिदिन बच्चों को करवा रही हैं अख़बार पठनविश्व आर्द्रभूमि दिवस पर विद्यालय में हरित पहल, बाल संसद ने किया बागवानी में फूलों का पौधारोपणएनसीईआरटी के राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के छह शिक्षकों का चयन, राज्य के लिए गौरव का क्षणडुमरांव प्रखंड कार्यालय में डीएम साहिला की समीक्षा बैठक, जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देशडुमरांव में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का डीए ने किया निरीक्षण, समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देशडीएम ने अनुमंडलीय अस्पताल का किया निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगीडीएम ने जिलेवासियों को दिया मकर संक्रांति की बधाई, पतंग महोत्सव का आयोजन
No menu items available
BREAKING
डुमरांव में जिला स्तरीय PBL प्रोजेक्ट प्रदर्शनी मेला संपन्न, बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम के तहत छात्रों ने किया नवाचार और वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शडायट सासाराम में PBL आधारित जिला स्तरीय मेले का भव्य आयोजनमध्य विद्यालय आदमपुर में सरस्वती पूजा पूर्व भव्य झांकी, शिक्षा और संस्कार का संदेशडायट में शिक्षकों के प्रशिक्षण को व्यावहारिक बनाने हेतु दो दिवसीय कार्यशाला आयोजितश्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ, प्रथम दिवस संतों की महिमा, भागवत महत्व और गोकर्णोपाख्यान की कथा से भक्तिमय हुआ वातावरणडुमरांव में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभकलश यात्रा से गूंजा नगर, 28 जनवरी तक चलेगा आध्यात्मिक आयोजनटीएलएम मेला 3.0 में अमृता कुमारी का नवाचारी शिक्षण सामग्री प्रदर्शनफोक टीएलएम को देखकर मुख्यमंत्री हुए प्रभावित, बोले – “यह सब तो बहुत अच्छा है, वाह”मध्य विद्यालय कोआही में समाचार पठन की अनूठी पहल, शिक्षिका वीणा कुमारी प्रतिदिन बच्चों को करवा रही हैं अख़बार पठनविश्व आर्द्रभूमि दिवस पर विद्यालय में हरित पहल, बाल संसद ने किया बागवानी में फूलों का पौधारोपणएनसीईआरटी के राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के छह शिक्षकों का चयन, राज्य के लिए गौरव का क्षणडुमरांव प्रखंड कार्यालय में डीएम साहिला की समीक्षा बैठक, जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

डुमरांव में जिला स्तरीय PBL प्रोजेक्ट प्रदर्शनी मेला संपन्न, बाल विज्ञान शोध कार्यक्रम के तहत छात्रों ने किया नवाचार और वैज्ञानिक सोच का प्रदर्श
1 day ago
डायट सासाराम में PBL आधारित जिला स्तरीय मेले का भव्य आयोजन
2 days ago
मध्य विद्यालय आदमपुर में सरस्वती पूजा पूर्व भव्य झांकी, शिक्षा और संस्कार का संदेश
2 days ago
डायट में शिक्षकों के प्रशिक्षण को व्यावहारिक बनाने हेतु दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित
2 days ago
श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ, प्रथम दिवस संतों की महिमा, भागवत महत्व और गोकर्णोपाख्यान की कथा से भक्तिमय हुआ वातावरण
3 days ago
Advertisement

बापू टावर में सृजन की आवाज़ : सीतामढ़ी के शिक्षकों की लेखनी को मिला राज्यस्तरीय मंच, “सृजन संवाद” में हुआ अम्मा का लोकार्पण

पटना। सीतामढ़ी जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं की रचनात्मक प्रतिभा ने बापू टावर संग्रहालय, पटना के सभागार में आयोजित “सृजन संवाद” कार्यक्रम...

पटना। सीतामढ़ी जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं की रचनात्मक प्रतिभा ने बापू टावर संग्रहालय, पटना के सभागार में आयोजित “सृजन संवाद” कार्यक्रम के माध्यम से एक नई पहचान बनाई। शिक्षकों के भीतर छिपी लेखन क्षमता को मंच देने और साहित्यिक अभिव्यक्ति को सशक्त करने के उद्देश्य से मध्य विद्यालय मलहाटोल, परिहार की शिक्षिका प्रियंका कुमारी द्वारा संचालित सृजनात्मक पहल के अंतर्गत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अवसर था नवीन पुस्तक “अम्मा” के विधिवत लोकार्पण का।

ई-शिक्षा से अम्मा तक : सृजन यात्रा की निरंतरता


प्रियंका कुमारी की यह पहल वर्ष 2022 में ई-शिक्षा ई-पत्रिका के प्रकाशन से प्रारंभ हुई, जो 2023 में जानकी की डायरी, 2024 में शिक्षकों की कलम से और 2025 में अम्मा पुस्तक के प्रकाशन तक निरंतर आगे बढ़ती रही। इन सभी कृतियों में सीतामढ़ी जिले के शिक्षक-शिक्षिकाओं की सक्रिय सहभागिता रही, जिसने इस सृजन यात्रा को सामूहिक स्वरूप प्रदान किया।

सम्मान, संवाद और साहित्यिक संकल्प

कार्यक्रम का उद्घाटन बापू टावर संग्रहालय के निदेशक विनय कुमार, उपनिदेशक ललित सिंह, ई-शिक्षा की संपादक प्रियंका कुमारी, सह-संपादक अभिषेक वर्मा सहित टीम के अन्य सदस्यों ने संयुक्त रूप से किया। मंच संचालन अभिषेक वर्मा ने किया, जबकि विषय प्रवेश प्रियंका कुमारी ने कराया। अतिथियों का स्वागत मिथिला पाग, सीता उद्भव झांकी स्मृति-चिह्न एवं शॉल भेंट कर किया गया। इस दौरान ई-शिक्षा टीम में सतत योगदान देने वाले शिक्षकों को ई-शिक्षा शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

प्रेरक पहल, साहित्यिक चेतना का विस्तार

मुख्य अतिथि निदेशक विनय कुमार ने कहा कि बिहार के किसी जिले में लगातार तीन वर्षों तक तीन पुस्तकों का प्रकाशन अपने आप में प्रेरणादायक उदाहरण है। यह पहल शिक्षा के साथ-साथ साहित्यिक चेतना को भी मजबूत करती है। उन्होंने इस सृजन यात्रा को निरंतर जारी रखने का आह्वान करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। प्रख्यात लेखक एवं पूर्व उपनिदेशक रमेश चंद्रा ने कहा कि जानकी की डायरी को देखकर ही यह स्पष्ट हो गया था कि यह शिक्षक समूह सृजन की नई इबारत लिखेगा।

शिक्षण में रचनात्मकता का विस्तार

कार्यक्रम में ई-शिक्षा टीम से वीणा कुमारी, अमर आनंद, अंशु कुमार सहित अम्मा, जानकी की डायरी और शिक्षकों की कलम से पुस्तकों के लेखक-लेखिकाएं उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में रमेश चंद्रा, प्रत्यूष मिश्रा, कमलनाथ झा, नीरज गुरु, सुधाकर सिन्हा, कुमारी गुड्डी सहित अनेक साहित्यप्रेमी मौजूद थे।

सह-संपादक अभिषेक वर्मा ने कहा कि इस पहल से शिक्षकों में लेखन का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने शिक्षण कार्य में भी रचनात्मक तरीकों को अपनाने लगे हैं। फीडबैक सत्र में शिक्षिकाओं ने बताया कि अब वे कक्षा में कविता-कहानी के माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें स्वयं लिखने के लिए भी प्रेरित कर रही हैं।

संवेदनशील शिक्षा की अपील

उपनिदेशक ललित कुमार सिंह ने प्रियंका कुमारी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि वे मिट्टी और पत्थर जैसी वस्तुओं का भी उपयोग शिक्षण में कर लेती हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से बच्चों के प्रति और अधिक संवेदनशील होने का आग्रह किया। कार्यक्रम का समापन शिक्षा और साहित्य के समन्वय को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

स्वाभाविक आकर्षण और सृजनशीलता का विकास : प्रियंका

प्रियंका ने अपनी सृजनात्मक यात्रा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि उनका मूल उद्देश्य शिक्षकों के लेखन कौशल को सशक्त बनाना और उन्हें अपनी अनुभूतियों व विचारों को प्रभावी ढंग से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि उनका यह प्रयास किसी साहित्यिक हस्तक्षेप का नहीं, बल्कि एक रचनात्मक पहल है, जिसके माध्यम से शिक्षक स्वयं लिखने की प्रक्रिया से जुड़ें और उसी संवेदना, रुचि एवं कला को बच्चों तक सहज रूप में स्थानांतरित कर सकें। इससे बच्चों में लेखन के प्रति स्वाभाविक आकर्षण और सृजनशीलता का विकास संभव हो सकेगा।

लेखन से आत्मविश्वास, कक्षा से समाज तक प्रभाव

[शिक्षिका वीणा कुमारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि सृजन संवाद जैसी पहल ने शिक्षकों को केवल लेखक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील विचारक बनने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि इस मंच से जुड़ने के बाद लेखन के प्रति उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने अनुभवों को शब्दों में ढालने में सक्षम हुई हैं।

उन्होंने यह भी साझा किया कि साहित्य से जुड़ाव ने उनके शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी बनाया है। अब वे कक्षा में कहानी, कविता और अनुभव आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को न केवल विषयवस्तु समझाती हैं, बल्कि उन्हें सोचने, महसूस करने और अभिव्यक्त करने के लिए भी प्रेरित करती हैं।

वीणा कुमारी ने प्रियंका कुमारी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच शिक्षकों की प्रतिभा को पहचान देने के साथ-साथ उन्हें निरंतर सीखने और सृजनशील बने रहने की प्रेरणा देता है।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top