सेवानिवृत्त शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद चौरसिया की पुत्री ने स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान में हासिल की बड़ी उपलब्धि, परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल
डुमरांव। कहते हैं कि मेहनत, लगन और बेहतर शिक्षा किसी भी सफलता की सबसे मजबूत नींव होती है। इसी बात को सच साबित करते हुए डुमरांव के जंगल बाजार निवासी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद चौरसिया की सबसे छोटी पुत्री तनिषा ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तनिषा को पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी, भटींडा चंडीगढ़ के दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर (पोलिटिकल साइंस) विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से पूरे परिवार के साथ-साथ क्षेत्र में भी गर्व और खुशी का माहौल है।
दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन एवं मुख्य अतिथि के हाथों तनिषा को यह सम्मान दिया गया। समारोह में मेडल प्राप्त करते समय उपस्थित लोगों ने उनकी सफलता की सराहना की।
तनिषा के पिता सुरेंद्र प्रसाद चौरसिया शिक्षा जगत से जुड़े रहे हैं और सेवानिवृत्त शिक्षक होने के बावजूद समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करते रहे हैं। उन्होंने अपनी पांचों बेटियों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी और हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। परिवार की बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि अन्य बेटियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
तनिषा की माता मीरा देवी स्थानीय सुमित्रा महिला कॉलेज में गृह विज्ञान विषय की व्याख्याता हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल होने के कारण बच्चों को हमेशा आगे बढ़ने का अवसर मिला। सुरेंद्र प्रसाद चौरसिया ने समाज के अन्य बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए “मीरा लाइब्रेरी” संचालित है, जिससे कई छात्र-छात्राओं को अध्ययन में सहायता मिलने के साथ शिक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश समाज तक पहुंच रहा है।
तनिषा की शैक्षणिक यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उनका चयन केंद्रीय विद्यालय बक्सर में हुआ, जहां उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली गईं और अपनी मेहनत एवं प्रतिभा के बल पर पंजाब सेंट्रल यूनिवर्सिटी, भटींडा चंडीगढ़ में प्रवेश प्राप्त किया। लगातार अध्ययन और समर्पण के परिणामस्वरूप उन्होंने स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान में सर्वोच्च प्रदर्शन कर गोल्ड मेडल हासिल किया।
तनिषा की इस सफलता पर स्थानीय शशि कुमार, डा संजय कुमार सिंह, कपिल मुनि (अमीन), मनोज कुमार चंद्रवंशी, अजय राय, विशोकानंद चंद, पवन कुमार (व्यवसायी) सहित शिक्षाविदों, साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। लोगों ने कहा कि तनिषा की उपलब्धि जिले की बेटियों के लिए प्रेरणा है और यह संदेश देती है कि शिक्षा के माध्यम से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
