पूर्णियाँ। प्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा कसाबा, पूर्णियाँ में ईको क्लब गतिविधियों के अंतर्गत “हमारे नवोन्मेषी बच्चे – जुगाड़ से जुगाड़” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों ने बेकार और अनुपयोगी वस्तुओं से विभिन्न उपयोगी सामग्री तैयार कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया।
प्रधान शिक्षिका ज्योति कुमारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने प्लास्टिक की बोतलों से गमले, पुराने डिब्बों से पेन स्टैंड, बेकार कागजों से सजावटी सामग्री तथा अन्य उपयोगी वस्तुएँ बनाईं। विशेष रूप से बच्चों ने बड़े वाहनों के पुराने टायरों का उपयोग कर उन्हें आकर्षक गमले का आकार दिया और उनमें पौधारोपण किया। इस नवाचार ने विद्यालय परिसर को सुंदर बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश भी दिया।
बच्चों ने यह संदेश दिया कि कबाड़ समझी जाने वाली वस्तुओं को भी सही तरीके से उपयोग में लाकर पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सकता है। पुराने टायरों का उपयोग कर बनाए गए गमलों में लगाए गए पौधे विद्यालय परिसर की शोभा बढ़ा रहे हैं और बच्चों के प्रयासों की सराहना हो रही है।
इस अवसर पर प्रधान शिक्षिका ज्योति कुमारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि “रीयूज और रिसायकल” की आदत अपनाकर हम कचरे को कम कर सकते हैं और प्रकृति को सुरक्षित रख सकते हैं।
उन्होंने बच्चों को स्वच्छता बनाए रखने तथा पेड़-पौधों की देखभाल करने के लिए भी प्रेरित किया।कार्यक्रम में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी बनाई वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई। बच्चों की रचनात्मकता और मेहनत की विद्यालय परिवार द्वारा सराहना की गई।
विद्यालय में इस प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित की जा रही है। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी ईको क्लब के माध्यम से ऐसी गतिविधियाँ नियमित रूप से आयोजित करने का संकल्प लिया।