राज्य स्कीम के तहत 87.81 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति, पूर्व स्वीकृति रद्द
डुमराँव (बक्सर)। भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ के नाम पर बक्सर जिले के डुमराँव में प्रस्तावित संगीत महाविद्यालय की स्थापना को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विभागीय स्वीकृत्यादेश संख्या-302, दिनांक 24.02.2025 के माध्यम से पूर्व में स्वीकृत कुल राशि 14,52,15,000 रुपये (चौदह करोड़ बावन लाख पंद्रह हजार रुपये) की योजना को रद्द कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब राज्य स्कीम के अंतर्गत इस संगीत महाविद्यालय के समग्र विकास हेतु 87,81,43,400 रुपये (सत्तासी करोड़ इक्यासी लाख तैंतालीस हजार चार सौ रुपये) की नई और विस्तृत योजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
नई योजना में क्या-क्या होगा शामिल
नई स्वीकृति के अनुसार, संगीत महाविद्यालय परिसर में विभिन्न आधुनिक और आवश्यक भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसमें शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक भवन, अभ्यास कक्ष, ऑडिटोरियम, पुस्तकालय, छात्र एवं शिक्षक सुविधाओं से युक्त कक्ष, तथा अन्य सहायक संरचनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही सभी भवनों के लिए आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था भी इसी योजना के अंतर्गत की जाएगी, ताकि संस्थान को प्रारंभ से ही पूर्ण सुविधाओं के साथ संचालित किया जा सके।
आंतरिक पथ और चाहरदीवारी पर विशेष ध्यान
योजना में महाविद्यालय परिसर के भीतर सुगम आवागमन के लिए आंतरिक पथ (इंटरनल रोड) के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और आगंतुकों को सुविधा मिलेगी। साथ ही, परिसर की सुरक्षा और सुव्यवस्थित पहचान के लिए मजबूत चाहरदीवारी का निर्माण भी किया जाएगा। यह कदम न केवल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि संस्थान की गरिमा और संरचनात्मक सौंदर्य को भी बढ़ाएगा।
उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ की विरासत को मिलेगा सम्मान
डुमराँव, जो स्वयं उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ की जन्मभूमि है, वहां उनके नाम पर संगीत महाविद्यालय की स्थापना को सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह संस्थान शहनाई सम्राट की संगीत विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने का केंद्र बनेगा। यहां से शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ लोक और वाद्य संगीत को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा लाभ
इस महाविद्यालय की स्थापना से स्थानीय युवाओं को संगीत शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जिले और आसपास के क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय संगीत प्रशिक्षण अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध होगा। इससे रोजगार के अवसर भीज सृजित होंगे और सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रशासनिक निर्णय का व्यापक प्रभाव
पूर्व में कम राशि वाली योजना को रद्द कर व्यापक और दीर्घकालिक दृष्टि से तैयार की गई नई योजना को स्वीकृति देना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार डुमराँव को एक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 87.81 करोड़ रुपये की यह परियोजना आने वाले वर्षों में जिले की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और सुदृढ़
