BREAKING NEWS
मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देशमिशन निपुण बिहार के तहत पूर्णिया के दो शिक्षक बने निपुण शिक्षक, पटना में हुआ सम्मानबच्चों की बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के लिए अभिभावकों को किया गया जागरूकमधुबनी : मध्य विद्यालय मलमल में निपुण बिहार कार्यक्रम पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजनमाहवारी स्वच्छता : स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मविश्वास की मजबूत नींवबाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता की मिसाल बना मध्य विद्यालय मलमलनवसृजित प्राथमिक विद्यालय डीहटोल इनाई में छात्रों को मिला एफएलएन किट, शिक्षा को मिलेगी नई गतिरोहतास की शिक्षा को नई उड़ान“ज्ञानदा – उन्नति के पंख” ई-मैगजीन का भव्य लोकार्पण, जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों को मिलेगा डिजिटल मंचडुमरांव में आगामी 28 दिसंबर एक दिवसीय सेमिनार सह शाहाबाद शिक्षक सम्मान–2025 की तैयारी शुरूबच्चों के संग बिताए पल दूर करते हैं तनाव, चेतना सत्र के बाद गतिविधि के माध्यम से दाएं–बाएं की समझ विकसितफाउंडेशन स्कूल में ‘फन डे’ का भव्य आयोजन, खेल, उत्साह और सहभागिता से गूंजा विद्यालय परिसरवरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह का हृदयाघात से निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़मिशन निपुण बिहार में उत्कृष्ट योगदान पर संगीता कुमारी को ‘निपुण शिक्षक’ का सम्मानकैंब्रिज स्कूल डुमराँव स्पर्धा–2025 का भव्य शुभारंभ, वार्षिक खेल दिवस में दिखा उत्साह, अनुशासन और नेतृत्व का अनोखा संगमबाल विवाह के खिलाफ जागरूकता : राजकीय मध्य विद्यालय नाथनगर-01 में बच्चों ने प्रस्तुत किया नुक्कड़ नाटक
No menu items available
BREAKING
मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देशमिशन निपुण बिहार के तहत पूर्णिया के दो शिक्षक बने निपुण शिक्षक, पटना में हुआ सम्मानबच्चों की बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के लिए अभिभावकों को किया गया जागरूकमधुबनी : मध्य विद्यालय मलमल में निपुण बिहार कार्यक्रम पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजनमाहवारी स्वच्छता : स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मविश्वास की मजबूत नींवबाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता की मिसाल बना मध्य विद्यालय मलमलनवसृजित प्राथमिक विद्यालय डीहटोल इनाई में छात्रों को मिला एफएलएन किट, शिक्षा को मिलेगी नई गतिरोहतास की शिक्षा को नई उड़ान“ज्ञानदा – उन्नति के पंख” ई-मैगजीन का भव्य लोकार्पण, जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों को मिलेगा डिजिटल मंचडुमरांव में आगामी 28 दिसंबर एक दिवसीय सेमिनार सह शाहाबाद शिक्षक सम्मान–2025 की तैयारी शुरूबच्चों के संग बिताए पल दूर करते हैं तनाव, चेतना सत्र के बाद गतिविधि के माध्यम से दाएं–बाएं की समझ विकसितफाउंडेशन स्कूल में ‘फन डे’ का भव्य आयोजन, खेल, उत्साह और सहभागिता से गूंजा विद्यालय परिसरवरिष्ठ पत्रकार संतोष सिंह का हृदयाघात से निधन, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
7 hours ago
मिशन निपुण बिहार के तहत पूर्णिया के दो शिक्षक बने निपुण शिक्षक, पटना में हुआ सम्मान
9 hours ago
बच्चों की बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करने के लिए अभिभावकों को किया गया जागरूक
11 hours ago
मधुबनी : मध्य विद्यालय मलमल में निपुण बिहार कार्यक्रम पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन
1 day ago
माहवारी स्वच्छता : स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मविश्वास की मजबूत नींव
2 days ago
Advertisement

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 अगस्त से चलाए जाने वाले कार्यक्रम में जन भागीदारी जरूरी : डॉ एसके चौधरी

अभियान के दौरान मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण, करीब 45 लाख की आबादी होगी लाभान्वित  ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर के सामने ही खानी...

अभियान के दौरान मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण, करीब 45 लाख की आबादी होगी लाभान्वित 

ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर के सामने ही खानी होगी दवा

समस्तीपुर। जिले में फाइलेरिया के प्रसार को कम करने के लिए 10 अगस्त से ट्रिपल ड्रग थेरेपी के तहत आइवर मेक्टिन, डीइसी तथा एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी, जिससे जिले के  करीब 45 लाख लोग लाभान्वित होंगे। इस दवा को खिलाने के लिए 2174 टीम बनायी गयी है, जिसमें करीब 4300 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर और 270 सुपरवाइजर होगें।

यह आईवरमेक्टिन दवा 5 साल से ऊपर के लोगों को खिलाई जाएगी। ये बातें सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी ने बुधवार को सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीएफएआर) तथा जिला स्वास्थ्य समिति के द्वारा आयोजित मीडिया कार्यशाला के दौरान कही। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मीडिया की महती भूमिका होगी। इस कार्यक्रम को मीडिया हर घर तक पहुंचाए। यह उनकी भी सामाजिक जिम्मेदारी है।

कार्यशाला के दौरान जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ विजय कुमार ने बताया कि 10 अगस्त से शुरू होने वाले सर्वजन दवा सेवन अभियान के लिए दवा के शत प्रतिशत कवरेज के लिए विशेष रणनीति अपनायी जा रही है। हाल ही में हुए स्टेट टास्क फोर्स की बैठक में तय किया गया था कि 17 दिन तक चलने वाले इस अभियान के दौरान सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बूथ लगाकर दवा का सेवन कराया जाएगा।

शहरी क्षेत्रों में अधिक प्रयास करते हुए विशेष माइक्रो प्लान के अनुसार फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कराया जाएगा। सरकारी अस्पतालों के अलावा 27 अगस्त से 29 अगस्त तक सर्वजन दवा सेवन अभियान के तहत जिले में स्थित सभी सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों में बूथ लगाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराया जाएगा। इसके बाद 30 अगस्त से 5 सितम्बर के बीच एक सप्ताह का मॉप-अप राउंड चलाया जाएगा। मॉप-अप राउंड के दौरान छूटे हुए एवं इंकार किए हुए सभी लोगों को दवा का सेवन कराया जाएगा।

ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर के सामने खानी है दवा

डॉ माधुरी देवराजू ने बताया कि सर्वजन दवा सेवन के तहत सबसे जरूरी है कि इस दवा को बांटना नहीं है बल्कि हरेक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर को उसे अपने सामने ही खिलाना है। तीनों दवाओं में से एल्बेंडाजोल की गोली को हमेशा चबाकर खाना है। 

प्रतिकूल प्रभाव पर घबराएं नहीं

डीभीबीडीसीओ डॉ विजय कुमार ने बताया कि ट्रिपल ड्रग थेरेपी के सेवन से कुछ लोगों में प्रतिकूल प्रभाव भी देखने को मिलते हैं, वह मतली, चक्कर, हल्की बुखार के रूप में भी हो सकते हैं। इन दुष्प्रभावों से घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

यह दुष्प्रभाव तभी होगा जब आपके अंदर माइक्रोफाइलेरिया होंगे। प्रतिकूल प्रभाव से बचने के लिए प्रत्येक प्रखंड में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। जिसमें चिकित्सक और एंबुलेंस हमेशा मौजूद होंगे। प्रत्येक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर के पास रैपिड रिस्पांस टीम का नंबर मौजूद होगा। 

डोज पोल के तहत खानी है दवा

कार्यशाला के दौरान डब्ल्यूएचओ की डॉ माधुरी देवराजु ने दवा खिलाने में इस्तेमाल किए जाने वाले डोज पोल के बारे में बताते हुए कहा कि दवा खिलाने के लिए एक डोज पोल का निर्माण किया गया है।

इसमें लंबाई के अनुसार गोली की संख्या तय है। अगर किसी बच्चे की ऊंचाई 90 सेमी से कम है तो उन्हें आइवरमेक्टिन की गोली नहीं देनी है। वहीं दो साल से पांच साल तक के बच्चों को सिर्फ डीइसी और एल्बेंडाजोल की गोली ही दी जाएगी।

किसे नहीं खानी है दवा

डॉ माधुरी ने बताया कि यह दवा दो साल से कम उम्र के बच्चों, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों, गर्भवती स्त्रियों को नहीं खिलानी है।

मौके पर सिविल सर्जन डॉ एसके चौधरी, जिला भीबीडीसी पदाधिकारी डॉ विजय कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ विशाल कुमार, डब्ल्यूएचओ की जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ माधुरी देवराजू, जिला भीबीडी कंसल्टेंट संतोष कुमार, भीबीडीएस पंकज कुमार, पीरामल की प्रोग्राम लीड श्वेता कुमारी, पीसीआई डीसी रणधीर कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे।

अभय कुमार

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top