BREAKING NEWS
नवोन्मेषी बच्चों ने जुगाड़ से बनाई उपयोगी सामग्री, ईको क्लब गतिविधि के तहत पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशपीबीएल गतिविधि हेतु जिला टीम रवाना, छात्र-छात्राओं में उत्साहकस्बा (पूर्णिया) में अनोखी पहल : प्राथमिक विद्यालय राधानगर में शुरू हुआ “साबुन बैंक”कैम्ब्रिज स्कूल के छात्र-छात्राओं ने किया शैक्षणिक परिभ्रमणजलवायु परिवर्तन, जल एवं भूमि संरक्षण तथा पेड़–पौधों की सुरक्षा पर बच्चों को किया गया जागरूककेदार मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ विधायक राधा चरण सेठ ने फीता काटकर किया शिविर का उद्घाटन, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने अस्पताल का किया लोकार्पणडुमरांव में फाउंडेशन स्कूल का वार्षिक खेल महोत्सव “उड़ान” शुरू, दीप प्रज्वलन के साथ हुआ भव्य उद्घाटनवंचित बेटियों में जगी शिक्षा की नई रोशनी, प्रधान शिक्षिका के प्रयास से क्षेत्र की बच्चियों में फिर जागी पढ़ने की ललकबदलाव की मिसाल बना प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामाप्रसार भारती आकाशवाणी पर सोनी वर्षा की आवाज में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का प्रसारणप्राथमिक विद्यालय राधानगर कस्बा, पूर्णिया में पोषण एवं एनीमिया जागरूकता गतिविधि आयोजितइको क्लब फॉर मिशन लाइफ के अंतर्गत सतत खाद्य प्रणाली एवं जैव विविधता पर मॉडल गतिविधि आयोजितवैशाली महोत्सव का भव्य आयोजन, शिक्षिका चंचल कुमारी की उपस्थिति में छात्रों में जागी सामाजिक चेतनाफाउंडेशन स्कूल, डुमरांव में “उमंग” वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजनदुल्लहपुर की बेटी शालू सिंह ने यूजीसी नेट जेआरएफ 2026 में रचा इतिहास
No menu items available
BREAKING
नवोन्मेषी बच्चों ने जुगाड़ से बनाई उपयोगी सामग्री, ईको क्लब गतिविधि के तहत पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेशपीबीएल गतिविधि हेतु जिला टीम रवाना, छात्र-छात्राओं में उत्साहकस्बा (पूर्णिया) में अनोखी पहल : प्राथमिक विद्यालय राधानगर में शुरू हुआ “साबुन बैंक”कैम्ब्रिज स्कूल के छात्र-छात्राओं ने किया शैक्षणिक परिभ्रमणजलवायु परिवर्तन, जल एवं भूमि संरक्षण तथा पेड़–पौधों की सुरक्षा पर बच्चों को किया गया जागरूककेदार मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ विधायक राधा चरण सेठ ने फीता काटकर किया शिविर का उद्घाटन, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने अस्पताल का किया लोकार्पणडुमरांव में फाउंडेशन स्कूल का वार्षिक खेल महोत्सव “उड़ान” शुरू, दीप प्रज्वलन के साथ हुआ भव्य उद्घाटनवंचित बेटियों में जगी शिक्षा की नई रोशनी, प्रधान शिक्षिका के प्रयास से क्षेत्र की बच्चियों में फिर जागी पढ़ने की ललकबदलाव की मिसाल बना प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामाप्रसार भारती आकाशवाणी पर सोनी वर्षा की आवाज में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम का प्रसारणप्राथमिक विद्यालय राधानगर कस्बा, पूर्णिया में पोषण एवं एनीमिया जागरूकता गतिविधि आयोजितइको क्लब फॉर मिशन लाइफ के अंतर्गत सतत खाद्य प्रणाली एवं जैव विविधता पर मॉडल गतिविधि आयोजित

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

नवोन्मेषी बच्चों ने जुगाड़ से बनाई उपयोगी सामग्री, ईको क्लब गतिविधि के तहत पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
15 hours ago
पीबीएल गतिविधि हेतु जिला टीम रवाना, छात्र-छात्राओं में उत्साह
18 hours ago
कस्बा (पूर्णिया) में अनोखी पहल : प्राथमिक विद्यालय राधानगर में शुरू हुआ “साबुन बैंक”
18 hours ago
कैम्ब्रिज स्कूल के छात्र-छात्राओं ने किया शैक्षणिक परिभ्रमण
1 day ago
जलवायु परिवर्तन, जल एवं भूमि संरक्षण तथा पेड़–पौधों की सुरक्षा पर बच्चों को किया गया जागरूक
5 days ago
Advertisement

पटना : बीमार नवजातों को एसएनसीयू दे रहा सांसे

विविध प्राण रक्षक उपकरण एवं दवाएं हैं उपलब्ध  रेफरल स्थानों पर रखी जा रही नजर  पटना। राज्य में जीरो से...

विविध प्राण रक्षक उपकरण एवं दवाएं हैं उपलब्ध 

रेफरल स्थानों पर रखी जा रही नजर 

पटना। राज्य में जीरो से 28 दिन तक के नवजातों को सांस देने में एसएनसीयू काफी मददगार साबित हो रहा है। पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य के एसएनसीयू में नवजातों की देख रेख और सेवा की गुणवत्ता के कारण मृत्यु दर 5 से 3 पर आ गयी है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार स्वास्थ्य संस्थानों में नवजातों की मृत्यु दर 5 से कम होनी चाहिए। इस बात में राज्य के आंकड़े सुकून देने वाले हैं।

एसएनसीयू में नवजातों की उचित देखरेख तथा उनके उपचार में मानव संसाधन एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसके मद्देनजर राज्य के 45 एसएनसीयू में लगभग 150  चिकित्सक पदस्थापित हैं। एसआरएस 2020 के अनुसार राज्य में नवजातों की मृत्यु दर प्रति एक हजार जीवित बच्चों में 21 है। वहीं एक हफ्ते तक के नवजातों में मृत्यु दर प्रति एक हजार 16 है। 

चार बीमारियों के उपचार पर दिया जा रहा विशेष बल

एसएनसीयू की गुणवत्ता और प्रमाणिकता को बनाने के लिए एसएनसीयू से उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल केस को कम से कम रखने की जरूरत होती है। इसे ध्यान में रखते हुए हाल ही में हुए विभागीय रिव्यू के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने भी एसएनसीयू के तहत रेफरल प्वाइंट को 10 प्रतिशत से कम करने का भी लक्ष्य रखा है। राज्य में संचालित एसएनसीयू में चार बीमारियों के उपचार पर विशेष बल दिया जा रहा है।

जिनमें एक्नेम्सिया, प्री मेच्योर बर्थ, कम वजनी बच्चे और हाइपोथर्मिया है। नवजात की बीमारियों में सहायक उपकरणों की भी आवश्यकता पड़ती है, जिसके निराकरण के लिए रेडिएंट वार्मर, फोटोथेरेपी मशीन, अम्बु बैग, ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम, सक्शन मशीन, सी-पैप, ऑक्सीमीटर जैसे मशीन लगायी गयी है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटा जा सके। 

मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप पर दिया जा रहा ध्यान

किसी भी कार्यक्रम की सफलता मॉनिटरिंग एवं उसके निरंतर फॉलोअप पर निर्भर करती है। आंकड़ों का सत्यापन और निरंतरता भी कार्यक्रम संचालन के लिए महत्वपूर्ण होती है। इसे ध्यान में रखते हुए जिलों से एसएनसीयू में भर्ती बच्चों की संख्या, उपलब्ध बेड पर नवजातों की भर्ती और लक्ष्य के अनुरूप नवजातों के डिस्चार्ज रेट पर भी लगातार ध्यान दिया जा रहा है। नवजातों के मृत्यु दर में दो प्रतिशत की कमी भी सतत मॉनिटरिंग एवं अनुश्रवण का ही प्रतिफल है।

अभय कुमार

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top