BREAKING NEWS
सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में कैम्ब्रिज स्कूल का शानदार प्रदर्शनकुरूद में गूंजा प्रकृति संरक्षण का स्वर, सीड बॉल निर्माण कार्यशाला में जुटे प्रकृति शिक्षण और विज्ञान यात्रा के संचारकघर-घर पहुंच रही शिक्षा : शिक्षिका सुषमा कुमारी का अनोखा प्रयासप्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा के पोषक क्षेत्र भ्रमण में बच्चों को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारीडुमरांव में बसंत न्यूरोकेयर क्लिनिक का शुभारंभ, अब मिलेगी आधुनिक न्यूरोलॉजी सेवाएंNMMSS में सफल विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई, शिक्षकों को भी मिला सम्माननाथनगर विद्यालय में बाल संसद का गठन, विद्यार्थियों को दिलाई गई शपथफाउंडेशन स्कूल, डुमरांव का शानदार प्रदर्शन, 10वीं में शत-प्रतिशत परिणामकैम्ब्रिज स्कूल के विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम, दीप्ति चौहान बनीं टॉपरसीतामढ़ी जिले में मां जानकी स्वास्थ्य सेवा यात्रा अंतर्गत निःशुल्क चिकित्सा शिविरबक्सर में 8वां पोषण पखवाड़ा शुरू, पोषण रथ को जिलाधिकारी ने दिखाई गई हरी झंडीसीतामढ़ी जिले के मध्य विद्यालय कोआही रूनीसैदपुर के छात्र-छात्राओं ने NMMSS परीक्षा में लहराया परचमबेटियों ने बढ़ाया बक्सर का मान, टॉपर्स व प्रतिभाओं का हुआ सम्मानराजकीय प्राथमिक विद्यालय मुस्तफापुर, बरैयागाछी अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में बंटे प्रगति पत्र, मेधावी छात्रों का हुआ सम्मानमुख्यमंत्री ने समृद्धि यात्रा के दौरान बक्सर जिले को दी 592 करोड रुपये की योजनाओं की सौगात, 64 विकास योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास
No menu items available
BREAKING
सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में कैम्ब्रिज स्कूल का शानदार प्रदर्शनकुरूद में गूंजा प्रकृति संरक्षण का स्वर, सीड बॉल निर्माण कार्यशाला में जुटे प्रकृति शिक्षण और विज्ञान यात्रा के संचारकघर-घर पहुंच रही शिक्षा : शिक्षिका सुषमा कुमारी का अनोखा प्रयासप्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा के पोषक क्षेत्र भ्रमण में बच्चों को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारीडुमरांव में बसंत न्यूरोकेयर क्लिनिक का शुभारंभ, अब मिलेगी आधुनिक न्यूरोलॉजी सेवाएंNMMSS में सफल विद्यार्थियों को भावभीनी विदाई, शिक्षकों को भी मिला सम्माननाथनगर विद्यालय में बाल संसद का गठन, विद्यार्थियों को दिलाई गई शपथफाउंडेशन स्कूल, डुमरांव का शानदार प्रदर्शन, 10वीं में शत-प्रतिशत परिणामकैम्ब्रिज स्कूल के विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम, दीप्ति चौहान बनीं टॉपरसीतामढ़ी जिले में मां जानकी स्वास्थ्य सेवा यात्रा अंतर्गत निःशुल्क चिकित्सा शिविरबक्सर में 8वां पोषण पखवाड़ा शुरू, पोषण रथ को जिलाधिकारी ने दिखाई गई हरी झंडीसीतामढ़ी जिले के मध्य विद्यालय कोआही रूनीसैदपुर के छात्र-छात्राओं ने NMMSS परीक्षा में लहराया परचम

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में कैम्ब्रिज स्कूल का शानदार प्रदर्शन
1 hour ago
कुरूद में गूंजा प्रकृति संरक्षण का स्वर, सीड बॉल निर्माण कार्यशाला में जुटे प्रकृति शिक्षण और विज्ञान यात्रा के संचारक
2 days ago
घर-घर पहुंच रही शिक्षा : शिक्षिका सुषमा कुमारी का अनोखा प्रयास
1 week ago
प्राथमिक विद्यालय पार्षद टोला मजगामा के पोषक क्षेत्र भ्रमण में बच्चों को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारी
1 week ago
डुमरांव में बसंत न्यूरोकेयर क्लिनिक का शुभारंभ, अब मिलेगी आधुनिक न्यूरोलॉजी सेवाएं
1 week ago
Advertisement

पटाखों और धुएं से दूर रहें टीबी के मरीज, बचाव के लिए मास्क जरूरी

जिला यक्ष्मा केंद्र टीबी मरीजों को सतर्क और सुरक्षित रहने की कर रहा है अपील बक्सर, 10 नवंबर | रविवार...

जिला यक्ष्मा केंद्र टीबी मरीजों को सतर्क और सुरक्षित रहने की कर रहा है अपील

बक्सर, 10 नवंबर | रविवार को जिले के सभी प्रखंडों में धूमधाम से दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा। इस दिन सभी दीप और पटाखें जलाकर अपनी खुशियों का इजहार करते हैं। लेकिन पटाखों की रौशनी के अलावा तेज आवाज और उसके धुएं किसी और के लिए परेशानी का सबब बन जाते हैं। हालांकि, पटाखों से निकलने वाले धुएं सभी के लिए खतरनाक है। लेकिन सबसे अधिक परेशानी टीबी और सांस के मरीजों को होती है।

पटाखों के धुएं से जहां सांस की तकलीफ और बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, ठीक वैसे ही इसके प्रदूषण से पर्यावरण को भी खतरा पहुंचता है। वहीं,पटाखों से निकलने वाले धुएं में शामिल सल्फर डाई ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड, कॉपर,लेड, मैग्नेशियम, सोडियम, जिक, नाइट्रेट एवं नाइट्राइट जैसे घातक तत्व शामिल होते हैं। जो टीबी मरीजों की स्थिति और गंभीर बना सकते हैं। ऐसे में जिला यक्ष्मा केंद्र टीबी मरीजों को सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील कर रहा है।

पटाखों का धुआं श्वसन तंत्रिका को प्रभावित करता है

जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. शालिग्राम पांडेय ने बताया, सर्दी के मौसम में रात में शीत और कुहासों के कारण पटाखों के धुएं जमीन से ज्यादा दूर नहीं जा पाते। पटाखों से निकलने वाला धुआं व्यक्ति के श्वसन तंत्रिका को प्रभावित करता है। जो टीबी मरीजों व अस्थमा मरीजों के अलावा अन्य लोगों को भी प्रभावित करता है।

ऐसे में लोगों को समझना होगा कि प्रदूषण जितना कम फैलेगा, सेहत के दृष्टिकोण से हम सभी लोग उतने सुरक्षित रहेंगे। इसलिए दीपावली के अवसर पर घर के जिम्मेदार लोग बच्चों और युवाओं को पटाखों से निकलने वाले जहरीले धुएं से होने वाले दुष्प्रभाव के संबंध में जागरूक करें।

मास्क के प्रयोग से करें बचाव

सीडीओ डॉ. शालिग्राम पांडेय ने बताया कि किसी भी तरह से श्वसन तंत्रिका का संक्रमित या कमजोर हो जाना हमारे लिए घातक हो सकता है। ऐसे में टीबी मरीज पटाखों के धुएं से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि दीपावली के बाद सर्दियां बढ़ जाती है।

ऐसे में हम कोरोनाकाल के मास्क की आदत को फिर से दोहराना होगा। न केवल टीबी मरीज बल्कि कोई भी दीपावली के समय मास्क का प्रयोग कर सांस की तकलीफ होने से अपना बचाव कर सकते हैं। विशेषकर बच्चों को भी पटाखों को जलाने के समय मास्क का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें।

पटाखों के कारण मानसिक या शारीरिक परेशानी होने ले चिकित्सीय सलाह

सिविल सर्जन डॉ. सुरेश चंद्र सिन्हा ने बताया, आज के समय लोगों को आकर्षित करने के लिए कंपनियां तेज आवाज के पटाखों का निर्माण करती हैं। पटाखों की तेज आवाज से मानसिक तनाव, हृदयाघात, कान के पर्दे फटने का या तेज रौशनी से आंखों को नुकसान होने का डर रहता है। यही नहीं पटाखों से निकलने वाले घातक तत्वों से त्वचा को भी नुकसान पहुंचता है।

बुजुर्गों को इस दौरान घर के बाहर नहीं निकलने दें। वहीं, अस्थमा के मरीजों को हमेशा इन्हेलर साथ रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल की हिदायत दें। यदि उनमें किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक असुविधा या बदलाव दिखे तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। साथ ही, पटाखों के धुएं से वायु प्रदूषण व उसके दुष्प्रभाव को बढ़ावा भी मिल सकता है। जिसे कम करने के लिए हम सभी को आगे आकर पटाखों के इस्तेमाल को कम करने के लिए संकल्प लेना होगा।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top