सीतामढ़ी, डुमरा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) डुमरा में शुक्रवार को “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के युग में बदलता शैक्षिक परिदृश्य” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा में तकनीक के बढ़ते प्रभाव और उसके सकारात्मक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि यह सेमिनार युवाओं और शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां तकनीक और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक के साथ तालमेल बिठाना आवश्यक है, ताकि शिक्षा को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाया जा सके।
मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. गोपाल कृष्ण ठाकुर (डीन, शिक्षा संकाय, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा) ने अपने संबोधन में कहा कि नैतिक विवेक के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग ही समाज के लिए लाभदायक हो सकता है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे AI का उपयोग विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए करें। अन्य विशेषज्ञों ने भी AI को आधुनिक युग का क्रांतिकारी आविष्कार बताते हुए इसमें मानवीय संवेदनाओं के समावेश पर बल दिया।
सेमिनार के दौरान मध्य विद्यालय मलहाटोल, परिहार की शिक्षिका प्रियंका कुमारी और प्राथमिक विद्यालय हीरा कन्हौली, परसौनी के प्रधान शिक्षक अभिषेक वर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचारी कार्यों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. गोपाल कृष्ण ठाकुर ने दोनों शिक्षकों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर दोनों शिक्षकों ने जिलाधिकारी रिची पांडेय को अपने संपादकत्व में प्रकाशित ‘ई-शिक्षा’ मैगजीन भी भेंट की, जिसका प्रकाशन सीतामढ़ी से किया जाता है।
डायट प्राचार्या कुमारी अर्चना ने बताया कि दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर कोर्स डेवलपमेंट में प्रियंका कुमारी और अभिषेक वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें पूर्व में भी सम्मानित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में डीपीओ मनीष कुमार, डायट मोतिहारी के प्राचार्य प्रवीण कुमार, एसडीओ नगमा शादाब, डॉ. किरण लता, डॉ. रश्मि श्रीवास्तव सहित कई राज्यों से आए शोधार्थियों और शिक्षकों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर डॉ. कुमारी नेहा, नंदकिशोर सिंह, नरेंद्र कुमार, डॉ. जमाल अहमद, डॉ. सिम्मी एजार, अभिषेक वर्मा और प्रियंका कुमारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
