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जलजमाव बना अभिशाप, सुविधाओं की कमी से जूझ रहा प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामा

200 बच्चों का भविष्य दांव पर, संसाधनों के अभाव में पढ़ाई प्रभावित पूर्णिया। जिले के कस्बा प्रखंड अंतर्गत स्थित प्राथमिक...

200 बच्चों का भविष्य दांव पर, संसाधनों के अभाव में पढ़ाई प्रभावित

पूर्णिया। जिले के कस्बा प्रखंड अंतर्गत स्थित प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामा इन दिनों बुनियादी सुविधाओं के अभाव और बदहाल रास्ते के कारण चर्चा में है। विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता सालों से जलजमाव की गंभीर समस्या से ग्रसित है। बरसात के मौसम में यह रास्ता तालाब में तब्दील हो जाता है, जिससे बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों का आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार छोटे बच्चे पानी और कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा भी खतरे में रहती है।

200 बच्चों की पढ़ाई पर संकट

विद्यालय में वर्तमान में करीब 200 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। आसपास के मोहल्ले और गरीब तबके के बच्चे इसी विद्यालय पर निर्भर हैं। लेकिन जलजमाव और जर्जर सुविधाओं के कारण बच्चों की उपस्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। बरसात के दिनों में कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतराते हैं। इसका असर बच्चों की पढ़ाई और नियमितता पर साफ दिखाई देता है।

शिक्षकों की संख्या पर्याप्त, संसाधन नहीं

विद्यालय में प्रधानाध्यापिका सहित कुल 7 शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। शिक्षकों की संख्या छात्रों के अनुपात में संतोषजनक कही जा सकती है, लेकिन भौतिक संसाधनों की भारी कमी उनके कार्य को कठिन बना रही है। विद्यालय में कुल 4 कमरे हैं, जिनमें से एक को कार्यालय, एक को कक्षा, एक को रसोईघर, और एक को स्टोर के रूप में उपयोग किया जा रहा है। अलग से कोई स्टोर रूम उपलब्ध नहीं होने के कारण कक्षा कक्ष में ही पढ़ाई के साथ-साथ सामान रखा जाता है, जिससे शिक्षण कार्य बाधित होता है।

चारदीवारी और खेल का मैदान, लेकिन समस्याएं बरकरार

विद्यालय के चारों ओर चारदीवारी बनी हुई है, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से कुछ हद तक राहत जरूर है। बच्चों के लिए खेलकूद की जगह भी उपलब्ध है, जहां वे शारीरिक गतिविधियां कर सकते हैं। लेकिन स्कूल तक पहुंचने का रास्ता खराब होने के कारण कई बच्चे नियमित खेल गतिविधियों से भी वंचित रह जाते हैं।

बिजली है, पर वायरिंग नहीं

विद्यालय में बिजली कनेक्शन मौजूद है, लेकिन वायरिंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण बिजली का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। गर्मी के दिनों में पंखे न चलने से बच्चों और शिक्षकों को काफी परेशानी होती है। वहीं, पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधनों का उपयोग भी पूरी तरह संभव नहीं हो पा रहा है।

पेयजल व्यवस्था ठप, मोटर चोरी

विद्यालय में पेयजल के लिए चापाकल तो मौजूद है, लेकिन पूर्व में लगी पानी की टंकी का पाइप तोड़ दिया गया है और मोटर चोरी हो चुकी है। इससे स्वच्छ और पर्याप्त पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। बच्चों को कई बार दूर से पानी लाना पड़ता है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए भी ठीक नहीं माना जा सकता।

प्रधानाध्यापिका की पहल : ओपन क्लास और पोषण वाटिका

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ज्योति कुमारी सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उनके प्रयास से विद्यालय में खाने का शेड सह ओपन क्लास की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बच्चों को खुले वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिल सके। इसके साथ ही पोषण वाटिका भी विकसित की जा रही है, जिससे मध्यान्ह भोजन के लिए ताजा सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके और बच्चों को पोषण युक्त आहार मिल सके।

स्थानीय प्रशासन से लगाई गई गुहार

विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने कई बार जलजमाव की समस्या, वायरिंग, पेयजल और अतिरिक्त कक्षों की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्कूल तक पहुंचने का रास्ता पक्का करा दिया जाए और मूलभूत सुविधाएं बहाल कर दी जाएं, तो बच्चों की उपस्थिति और शिक्षा का स्तर दोनों में सुधार होगा।

भविष्य दांव पर, समाधान जरूरी

प्राथमिक विद्यालय इकबाल पार्षद टोला, मजगामा की स्थिति साफ इशारा करती है कि अगर समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो सैकड़ों बच्चों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। जलजमाव, पेयजल संकट, बिजली व्यवस्था और कक्षों की कमी जैसी समस्याओं का समाधान करना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और ग्रामीण सभी यही चाहते हैं कि सरकार और प्रशासन इस ओर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द ठोस कार्यवाही करे, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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