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बिहार दिवस 2025 में निपुण बिहार – प्राथमिक शिक्षा उत्कृष्टता का जीवंत प्रदर्शन

पटना। बिहार दिवस 2025 में अप्पन बिहार निपुण बिहार नामक एक रोमांचक और इंटरैक्टिव स्टॉल प्रस्तुत किया गया है, जो...

पटना। बिहार दिवस 2025 में अप्पन बिहार निपुण बिहार नामक एक रोमांचक और इंटरैक्टिव स्टॉल प्रस्तुत किया गया है, जो शिक्षा पवेलियन के अंतर्गत निपुण बिहार पहल के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा की जीवंत और आकर्षक दुनिया को प्रदर्शित करता है। इस स्टॉल को एक जीवंत और गतिशील प्राथमिक कक्षा का अनुभव देने के लिए तैयार किया गया है, जो आगंतुकों को शिक्षा की दुनिया में डुबकी लगाने का अवसर प्रदान करता है। इस स्टॉल की विशेषताएं इसे अनूठा बनाती हैं:

  1. इंटरैक्टिव कक्षा का अनुभव

स्टॉल को एक प्राथमिक कक्षा का रूप दिया गया है, जिसमें जीवंत रंग और आकर्षक पैटर्न बच्चों का ध्यान आकर्षित करते हैं। यह डिजाइन बच्चों को शिक्षण में रुचि बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है, जिससे वे सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी और जिज्ञासा बनाए रखते हैं।

  1. नवाचारपूर्ण शिक्षण और अधिगम सामग्री (TLM)

आगंतुकों को स्टॉल में विभिन्न प्रकार की इंटरैक्टिव शिक्षण सामग्री (TLM) देखने को मिलेगी, जिनमें ब्लॉक्स, पत्थर और शब्द गुब्बारे शामिल हैं, जिनसे बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं। यह सामग्री निपुण बिहार पहल के केंद्र में मौजूद बाल-अनुकूल अधिगम को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। इसके अलावा, एक लोक TLM कोना भी स्थापित किया गया है, जिसमें पारंपरिक शिक्षण विधियों को प्रदर्शित किया गया है। यहां तक कि साधारण टायर का उपयोग भी नवाचारपूर्ण शिक्षण सामग्री के रूप में किया गया है, जो शिक्षा में संसाधनों की महत्ता को रेखांकित करता है।

  1. संकल्प और सहभागिता

स्टॉल में एक सेल्फी पॉइंट और संकल्प बोर्ड भी स्थापित किया गया है, जो आगंतुकों को निपुण बिहार पहल के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। यह संकल्प आगंतुकों को बच्चों के उज्ज्वल भविष्य में निवेश करने के लिए प्रेरित करता है, जो बिहार में शिक्षा के विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।

  1. एडटेक (EdTech) का समावेश

स्टॉल में एक टीवी स्पेस भी स्थापित किया गया है, जो स्कूल और घर में सीखने को बेहतर बनाने में एडटेक की भूमिका को उजागर करता है। यह स्पेस प्रौद्योगिकी के बढ़ते महत्व को दर्शाता है, जिससे शिक्षा को अधिक सुलभ, प्रभावी और रोचक बनाया जा रहा है।

  1. प्रशंसा वृक्ष

स्टॉल में प्रशंसा वृक्ष भी स्थापित किया गया है, जो कक्षा में बच्चों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी उपलब्धियों को मान्यता देता है। यह वृक्ष बच्चों की प्रगति और सफलता का दृश्य प्रतीक है, जो अन्य बच्चों को प्रेरित करता है और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करता है।

  1. लाइव वर्कबुक्स और शिक्षक मार्गदर्शिकाएं

आगंतुकों के अनुभव को और समृद्ध करने के लिए स्टॉल में लाइव वर्कबुक्स और शिक्षक मार्गदर्शिकाएं भी प्रदर्शित की गई हैं, जो निपुण बिहार के तहत अपनाई गई पाठ्यचर्या और शिक्षण विधियों की गहरी समझ प्रदान करती हैं।

  1. जीवंत वातावरण

स्टॉल का समग्र वातावरण जीवंत और प्रेरक है, जिसमें छत पर लटकते हुए अक्षर और संख्याएं एक ऊर्जावान और सृजनात्मक माहौल का निर्माण करती हैं। यह माहौल बिहार के बदलते शैक्षिक परिदृश्य की जीवंतता को दर्शाता है।

बिहार के उज्ज्वल भविष्य की झलक

अप्पन बिहार निपुण बिहार स्टॉल, बिहार दिवस 2025 में निपुण बिहार पहल के विकसित भारत के दृष्टिकोण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह बच्चों के लिए शिक्षा को रोचक, इंटरैक्टिव और आनंदमय बनाने की दिशा में की जा रही पहल को प्रदर्शित करता है, साथ ही शिक्षकों, तकनीक और पारंपरिक शिक्षण विधियों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करता है। यह स्टॉल बिहार के समावेशी और उज्ज्वल शैक्षिक भविष्य की दिशा में हो रहे निरंतर प्रयासों का आदर्श उदाहरण है।

बिहार दिवस पर एस सिद्धार्थ ने पहुंच अपन बिहार निपुण बिहार पर स्टॉल पर अपना पोस्टर एवं कविता देखकर बहुत खुश दिखे। लगभग एक घंटे का समय देने के दौरान मिट्टी से कुछ आकृति भी बनाएं। बारीकी से हर गतिविधि को देखें सिग्नेचर किया है।

न्यूज़ डेस्क

Author at DUMRAON NEWS EXPRESS

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