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सीतामढ़ी : जिले में नाइट ब्लड सर्वे की शुरुआत, फाइलेरिया की स्थिति का पता चलेगा

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सीतामढ़ी। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जिले में फाइलेरिया रोगियों की पहचान के लिए नाइट ब्लड सर्वे का अभियान शुरू हो गया है। यह जानकारी जिला भेक्टर जनित रोग नियंत्रण  पदाधिकारी डॉक्टर आर के यादव ने दी। उन्होंने बताया कि जिले के 17 प्रखंडों के चिन्हित गांवों एवं शहरी क्षेत्र में नाइट ब्लड सर्वे अभियान की शुरुआत की गई है। शुक्रवार को सभी 17 प्रखंडों में एक-एक सेंटेनियल साइट और शहरी क्षेत्र में वार्ड 9 मारवाड़ी मध्य विद्यालय में लोगों के रक्त नमूने लिए गए। जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने पुनौरा मध्य विद्यालय और डीडीसी ने सुरसंड में बीआरसीसी उच्च विद्यालय में नाइट ब्लड सर्वे का शुभारंभ किया। डॉ. रवींद्र यादव ने कहा कि नाइट ब्लड सर्वे के लिए ग्रामीणों में उत्साह है। वे साइट्स पर पहुंच कर अपना रक्त नमूना दे रहे हैं। अभियान के दौरान कुल 10 हजार 800 ब्लड सैंपल का संग्रह किया जाएगा।

चिन्हित गांवों में लिए जा रहे ग्रामीणों के ब्लड सैम्पल

डॉ. रवींद्र कुमार यादव ने कहा कि विभागीय स्तर पर चिन्हित किए गए गांवों में नाइट ब्लड सर्वे के तहत ग्रामीणों के रक्त का नमूना लिया गया। प्रत्येक प्रखंड में सेंटेनियल और एक रैंडम साइट पर नाइट ब्लड सर्वे किया जाएगा। 4 एवं 5 नवम्बर को सेंटेनियल साइट जबकि 7 एवं 8 नवम्बर को रैंडम साइट पर सर्वे चलेगा। वहां नाइट ब्लड सर्वे टीम के सदस्य 20 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों का सैंपल एकत्र करेंगे। नाइट ब्लड सर्वे में रात 8 बजे से 12 बजे के बीच ही ब्लड सैंपल लिया जा रहा है। जिसे जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। प्रत्येक साइट पर दो टीमों को लगाया गया है। इसके लिए सभी संबंधित लैब टेक्नीशियन को तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है।

तीन स्तर पर किया जा रहा पर्यवेक्षण

नाइक ब्लड सर्वे अभियान का अनुश्रवण स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। इसके लिए त्रिस्तरीय पर्यवेक्षण प्लान बनाया गया है। अभियान की सफलता के लिए जिलाधिकारी एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों द्वारा भी इसका अनुश्रवण किया जा रहा है। विभिन्न विभागों के कर्मी एवं स्टेकहोल्डर शिविर को सफल बनाने में लगे हैं। जीविका की चार टीमें बनाई गई है। इसके अतिरिक्त आईसीडीएस एवं केयर तथा अन्य स्टेकहोल्डर के द्वारा पूरी मुस्तैदी से इस अभियान की सफलता के लिए कार्य  किया जा रहा है। 

लोग संबंधित साइट पर जाकर अपना ब्लड सैंपल दें

डॉ. रवींद्र यादव ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे अभियान का संबंध फाइलेरिया उन्मूलन से है। अभियान के माध्यम से रोगियों की पहचान एवं रोग ग्रस्त क्षेत्र को चिन्हित किया जा सकेगा। इसके बाद चयनित स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए लोगों को जागरूक होना होगा। सभी लोग निर्धारित तिथि को संबंधित साइट पर जाकर खून की जांच हेतु अपना ब्लड सैंपल दें, ताकि इस बात का पता चल सके कि किसी व्यक्ति में फाइलेरिया का कीटाणु है अथवा नहीं।

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