बेतिया : डीएम के समक्ष स्वास्थ्य कर्मियों ने खाई दवा, हुआ फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए कार्यक्रम का शुभारंभ

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बेतिया। जिला समाहरणालय परिसर में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के अंतर्गत एमडीए अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने एल्बेंडाजोल व डीईसी की गोली खाकर किया।

इस मौके पर जिलाधिकारी कुंदन कुमार, सिविल सर्जन डा  वीरेंद्र चौधरी, एसीएमओ डॉ रमेश चंद्रा, वीबीडीसी रमेश मिश्रा, सुनिल कुमार वीबीडीसीओ डॉ हरेंद्र कुमार,  फ़ाइलेरिया इंचार्ज राजकुमार शर्मा सहित कई स्वास्थ्य कर्मी व विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी सर्वजन दवा का सेवन किया।

-2030 तक फाइलेरिया उन्मूलन का है लक्ष्य

जिलाधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिसे हाथीपांव के नाम से भी जाना जाता है। यह क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी से संक्रमित होने के बाद 10 से 15 वर्ष के बाद मनुष्यों में इसका लक्षण दिखाई देता है। जन जागरूकता से 2030 तक फाइलेरिया उन्मूलन का  लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने लोगों से सर्वजन दवा सेवन करने की अपील की।

14 दिनों तक चलेगा अभियान

सीएस डॉ वीरेंद्र चौधरी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रमेश चंद्रा,  ने बताया कि 10 फरवरी से अगले 14 दिनों तक जिले के प्रखंडों में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों को डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इसमें लोगों को इस बात का विशेष ध्यान रखना है कि आशा कार्यकर्ताओं व स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही दवा खानी है।

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इस प्रकार खिलाई जाएगी दवा

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ हरेन्द्र कुमार ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव को 2 से 5 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 1 गोली और अल्बेंडाजोल की 1 गोली, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 2 गोली व  अल्बेंडाजोल की 1 गोली तथा 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को डीईसी की 3 गोली व अल्बेंडाजोल की 1 गोली खिलाई जाएगी।

दवा का हल्का साइड इफेक्ट हो सकता है, घबराएं नहीं

डॉ हरेन्द्र कुमार ने बताया कि खाली पेट दवा नहीं खानी है। उन्होंने दवा खाने से होने वाले प्रतिकूल प्रभाव के बारे में बताया कि दवा खाने से शरीर के अंदर मरते हुए कीड़ों की वजह से कभी-कभी किसी-किसी व्यक्ति को सिर दर्द, बुखार, उल्टी, बदन पर चकते एवं खुजली हो सकती है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह स्वत: दो-एक घंटे में ठीक हो जाएगा।

फिर भी ज्यादा दिक्कत होने पर ऐसे लोगों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। इस मौके पर सिविल सर्जन डा  वीरेंद्र चौधरी, एसीएमओ डॉ रमेश चंद्रा, वीबीडीसी रमेश मिश्रा, सुनिल कुमार वीबीडीसीओ डॉ हरेंद्र कुमार, फाइलेरिया इंचार्ज राजकुमार शर्मा, पीसीआई के नवलकिशोर सिंह, केयर इंडिया के श्यामसुंदर कुमार, धर्मेंद्र यादव व अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

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